कुकरा (लखीमपुर खीरी)। बांकेगंज के गांव कुकरा में गन्ना समिति की 3.32 एकड़ जमीन खाली कराने के लिए प्रशासन के साथ आ जाने के बाद मामला गरमा गया है। गन्ना समिति ने पहले तो थाने में तहरीर देकर जमीन खाली कराने के लिए कहा था, मगर अब प्रशासन ने जब इसे खाली कराने के लिए हामी भर ली तो खबर गांव के लोगों तक पहुंच गई। इसके बाद करीब 45 वर्षों से वहां रह रहे लोगों ने किसी हाल में जगह न छोड़ने का एलान कर दिया है। इससे टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।
कुकरा में सहकारी गन्ना विकास समिति की गाटा संख्या 3004 इस जमीन पर करीब 56 परिवार 45 वर्षों से मकान बनाकर रह रहे हैं। ये सब मकान पक्के हैं और उनमें बिजली कनेक्शन भी हो चुके हैं। पानी, खड़ंजा, पक्की नाली सब कुछ बन गया। यहां तक कि इस जमीन पर इंदिरा और प्रधानमंत्री आवास भी बन चुके हैं। गन्ना विकास समिति नींद से जागी और कार्रवाई की तैयारी में है। सचिव ने कब्जेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए नामजद तहरीर दी है। कब्जेदार किसी भी स्थिति में मकान खाली करने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन हर हाल में जमीन खाली कराने पर अडिग हैं। वहीं गांव के लोगों का कहना है कि गन्ना समिति 45 साल से क्या सो रही थी, तब जमीन खाली क्यों नहीं कराई, जब मकान कच्चे थे।
प्रधानों ने वोट बैंक के खातिर बनवा दिए आवास
बांकेगंज की ग्राम पंचायत कुकरा में गन्ना विकास समिति की जमीन को प्रधानों ने वोट बैंक के लिए जी इस्तेमाल कर वहां सरकारी आवास बनवा दिए।
गन्ना विकास समिति की 7.062 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जे हैं। उसे खाली कराने के लिए तहसील को रिपोर्ट भेजी गई है। कब्जेदारों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है। पैमाइश कराने को भी लिखा गया है।-नंदलाल सचिव गन्ना विकास विकास समिति।
लाभार्थियों के आवास बन रहे थे, तभी समिति को आपत्ति करनी चाहिए थी। सरकारी आवास जिस जमीन पर बने हैं, इसकी जिम्मेदारी लाभार्थी की है। -एके सिंह, बीडीओ, बांकेगंज।
गन्ना विकास समिति की जमीन की पैमाइश कराने के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
सुनंदु सुधाकरन एसडीएम गोला।