नई बस्ती उपकेंद्र पर रखा ट्रांसफार्मर। संवाद
लखीमपुर खीरी। ट्रांसफार्मरों में आग लगने या फुंकने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए 8701 फ्यूज सिस्टम लगाए गए हैं। शहर में इस काम पर विद्युत निगम के करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इससे उपभोक्ताओं को फॉल्ट से निजात मिलेगी।
ओवरलोड और शॉर्ट सर्किट के चलते सबसे ज्यादा दिक्कत ट्रांसफार्मरों पर आती है। कहीं आग लगने की घटनाएं तो कहीं फ्यूज उड़ने से इसके डैमेज होने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। इससे विद्युत आपूर्ति तो बाधित होती ही है। साथ ही विद्युत निगम को भी अच्छा-खासा आर्थिक नुकसान पहुंचता है।
विद्युत निगम ने ट्रांसफार्मरों में दो प्रकार के फ्यूज सिस्टम लगाए हैं। 250 केवी व इससे ऊपर के ट्रांसफार्मरों में टेलसेन लगाए गए हैं, जबकि इससे नीचे की क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों में फ्यूज लगाए गए हैं। फ्यूज में 97 लाख और टेलनेस में 65 लाख रुपये का खर्च किए गए हैं।
-ऐसे काम करेंगे-
जब ट्रांसफार्मर पर अधिक लोड या शॉर्ट सर्किट होगा तो यह फ्यूज सेट तत्काल ट्रिप हो जाएगा। इसके बाद डीओ सेट का फ्यूज तार जलकर टूट जाएगा और ट्रांसफार्मर तक बिजली आपूर्ति पहुंचनी बंद हो जाएगी। कर्मचारी इसे एक घंटे के अंदर बदल देंगे और आपूर्ति फिर से चालू हो जाएगी। इससे 80 प्रतिशत तक ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं कम होगी। लखीमपुर सर्किल में करीब 19 हजार छोटे-बड़े ट्रांसफार्मर है। अधिकांश ट्रांसफार्मरों में तो फ्यूज लगे थे। करीब 8701 ट्रांसफार्मरों में ये नहीं लगे थे, जो अब लगाए गए हैं। गर्मी के सीजन में लोड अधिक होने पर बिना फ्यूज वाले ट्रांसफार्मर अक्सर फुंक जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा के लिए फ्यूज व टेलनेस सिस्टम लगाए गए हैं। यह एक तरह की डिवाइस है, जो फाॅल्ट या अन्य तकनीकी खराबी आने पर ट्रांसफार्मर की सुरक्षा करेगी। इससे निगम को आर्थिक नुकसान भी कम होगा।
-धमेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता, लखीमपुर सर्किल