बता दें कि एक फरवरी को कलक्ट्रेट में कार्यालयों का निरीक्षण करने के दौरान डीएम ने एफएसडीए कार्यालय में ताला डलवा दिया था। साथ ही इस कार्यालय को दूसरी जगह शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। खास बात यह है कि कार्यालय की कुर्सी-मेज भी बाहर निकलवा दी गई थीं। जबकि अलमारी, रिकार्ड और कंप्यूटर अभी अंदर ही बंद है। धीरे-धीरे 11 दिन बीत जाने के बावजूद कार्यालय को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया गया और न ही कार्यालय में पड़ा ताला खोला गया है। इससे कार्यालय के अधिकारी और स्टाफ के लोगों को ढूंढना व्यापारियों के लिए काफी मुश्किल हो रहा है। लोगों के अटके काम अधर में लटके हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत मेडिकल कारोबारियों के सामने हैं, जिनके सामने अगले वित्तीय वर्ष में 10 गुना बढ़ी फीस जमा करने की तलवार लटक रही है। इस बाबत एफएसडीए दफ्तर के अभिहित अधिकारी ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनका काम सुचारु चल रहा है। सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में ड्यूटी कर रहे हैं। वहीं ड्रग इंस्पेक्टर संदेश मौर्या ने भी कुछ बोलने से इंकार किया। जबकि एडीएम एसपी सिंह ने किसी भी जानकारी से इनकार कर दिया।