लखीमपुर खीरी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के अधिकारी अपनी मौज में हैं। मिलावटखोरों पर अंकुश लगाने के लिए शासन के आदेशों की भी हवा निकालकर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। डीएम ने नवरात्र में सिंघाड़े और कुट्टू के आटा समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों और फलों में की जा रही गड़बड़ियों को अभियान चलाकर रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सिर्फ नवरात्र में अधिकारियों ने खानापूर्ति करते हुए सिर्फ 14 खाद्य पदार्थों के नमूने भरे। जबकि फल-सब्जियों की चेकिंग तक नहीं की गई।
जनपद में सात तहसील और 15 ब्लॉक हैं, जिनमें दुकानों की संख्या हजारों में है। खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच और नमूने भरने की कार्रवाई करने के लिए एफएसडीए के पास एक मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी समेत नौ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कार्यरत हैं। इसके अलावा मॉनिटरिंग के लिए एक अभिहित अधिकारी की भी तैनाती है। नवरात्र पर नौ दिनों तक अभियान चलाकर मिलावटखोरों पर कार्रवाई करनी थी और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने भरने थे। नौ दिनों में यदि 10 अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन कम से कम एक-एक नमूना भरते तो कुल 90 नमूने भरे जाते। व्रत में सिंघाड़े और कुट्टू के आटे की ज्यादा डिमांड होती है और इस आटे का मूल्य भी 120 से 140 रुपये प्रति किलोग्राम है। इससे आटे में मिलावट की सबसे ज्यादा आशंका रहती है। इसके अलावा फलों में केला और सेब की बिक्री एकाएक बढ़ने से गड़बड़ी की जाती है। खासकर केला को केमिकल से पकाकर बेचा जाता है। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने फलों की दुकानों पर जांच तक नहीं की और न ही कोई नमूना लिया। भरे गए 14 नमूनों में पांच नमूने सिंघाड़े और कुट्टू आटा के हैैं, जबकि मूंगफली दाने के तीन, सूखी मेवा के दो, खोया, मिठाई, पनीर और दूध का एक-एक नमूना भरा गया।
अभिहित अधिकारी भी नहीं ले रहे दिलचस्पी
कुछ माह पहले बहराइच से आए अभिहित अधिकारी कौशलेंद्र शर्मा भी खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी को रोकने के लिए शायद गंभीर नहीं हैै। वह भी दफ्तर में कम ही बैैठते हैं और पूछने पर कहते हैं कि फील्ड में हूं। जबकि उनके फील्ड में जाने पर रोक है और यदि वह जाते भी हैैं तो इसके लिए डीएम की अनुमति लेना जरूरी है। कम नमूनों के बारे में कहते हैं उपवास का त्योहार है। इसलिए ज्यादा नमूनों की आवश्यकता नहीं है।
नवरात्र में सभी जगह अभियान चलाकर दुकानों की चेकिंग कराई गई है। खराब मिठाइयों को नष्ट कराया गया है। कुल 14 नमूने भरे गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। दशहरा और दिवाली पर जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। -एके सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी