पलियाकलां (खीरी)/पीलीभीत। दुधवा नेशनल पार्क और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक नवंबर से नया पर्यटन सत्र शुरू होगा। जंगल की सैर के लिए पर्यटकों का इंतजार खत्म होने जा रहा है। इस बार दुधवा में सफारी के दौरान मोबाइल फोन पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं, पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की नई पीढ़ी और बेहतर पर्यटन सुविधाएं सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
दुधवा नेशनल पार्क में मोबाइल फोन से फोटो खींचने, रील और वीडियो बनाने पर भी पाबंदी रहेगी। सफारी शुरू होने से पहले पर्यटकों, गाइडों और चालकों के मोबाइल प्रवेश द्वार पर जमा करा लिए जाएंगे। पार्क से बाहर लौटने पर ही फोन वापस मिलेंगे। हालांकि, पर्यटक निर्धारित शुल्क देकर कैमरे से फोटोग्राफी कर सकेंगे। सामान्य कैमरे का शुल्क 150 रुपये और डीएसएलआर या बड़े कैमरे का शुल्क 15 हजार रुपये प्रति कैमरा निर्धारित है।
दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर जगदीश आर के अनुसार, मोबाइल फोन के अनियंत्रित इस्तेमाल और शोरगुल से वन्यजीवों का प्राकृतिक व्यवहार प्रभावित होता है। जंगल की शांति बनाए रखने और वन्यजीवों को सुरक्षित माहौल देने के लिए यह फैसला लिया गया है। फोटोग्राफी केवल वैध रसीद कटवाकर कैमरे से की जा सकेगी।
उधर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटक बराही, महोफ के बनकटी और मुस्तफाबाद प्रवेश काउंटर से जंगल सफारी के लिए जा सकेंगे। इस बार पिछले पर्यटन सत्र में आकर्षण का केंद्र रहे आठ शावक बड़े होकर बाघ बन चुके हैं। उनकी स्वाभाविक गतिविधियां सफारी का रोमांच बढ़ाएंगी।
नए सत्र के लिए चूका बीच पर वॉटर हट, अरण्य कुटीर और थारू हट की मरम्मत, रंग-रोगन और साज-सज्जा कराई गई है। मुस्तफाबाद पर्यटन केंद्र पर फूड एंड क्राफ्ट प्लाजा तैयार किया जा रहा है। सप्तसरोवर में कॉन्फ्रेंस हॉल, पार्किंग और डारमेट्री जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। हटों की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। डीएफओ मनीष सिंह के अनुसार, नए सत्र के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के लिए तैयार गाड़ियां। स्रोत : वन विभाग