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चीनी मिलों से गन्ना भुगतान कराने की कवायद

Tue, 02 Jun 2015 07:35 PM IST
लखीमपुर खीरी
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद गन्ना विभाग ने सोमवार देर शाम बैठक कर जिले की नौ चीनी मिलों को तीन चरणों में अवशेष धनराशि का 75 फीसदी भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 11 अरब 81 करोड़ 51 लाख रुपये बकाया है। हाईकोर्ट ने यह आदेश 27 मई को दिया था। गन्ना किसानों पर पेराई सत्र 2014-15 की समाप्ति होने के बाद भी अरबों रुपये बकाया है।
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हाईकोर्ट के आदेश के  मुताबिक 15 जून 2015 तक 25 फीसदी, 30 जून 2015 तक 25 फीसदी और 15 जुलाई 2015 तक 25 फीसदी धनराशि का भुगतान करना होगा। जबकि अवशेष 25 फीसदी धनराशि के भुगतान के संबंध में निर्णय 28 जुलाई को र्हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद लिया जाएगा। हाईकोर्ट ने एसएपी (स्टेट एडवाजरी प्राइस) की दर यानी 280 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों को भुगतान करने के आदेश दिए हैं। गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले की नौ चीनी मिलों पर एसएपी के अनुसार 11 अरब 81 करोड़ 51 लाख रुपये बकाया है। गोला मिल पर दो अरब 14 करोड़ 98 लाख 24 हजार, पलिया पर दो अरब 24 करोड़ 96 लाख 21 हजार, खंभारखेड़ा पर एक अरब 96 करोड़ 20 लाख 83 हजार, ऐरा पर एक अरब 31 करोड़ आठ लाख 87 हजार रुपये, अजबापुर पर 49 करोड़ 72 लाख 23 हजार, कुंभी पर 92 करोड़ पांच लाख आठ हजार, गुलरिया पर 71 करोड़ 67 लाख 91 हजार, बेलरायां पर एक अरब एक करोड़ 51 लाख 17 हजार और संपूर्णानगर पर 99 करोड़ 30 लाख 50 हजार रुपये गन्ना मूल्य बकाया है।
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि चीनी मिल अध्यासियों के साथ एडीएम की अध्यक्षता में बैठक कराई गई है, जिसमें अध्यासियों को हाईकोर्ट के आदेशानुसार भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी मिलों ने इस व्यवस्था के अनुसार भुगतान करने का आश्वासन दिया है।
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करीब तीन अरब रह जाएगा बकाया
यदि सभी मिलें तीन चरणों में 15 जुलाई तक किसानों को भुगतान कर देती हैं, तो चौथी किस्त के तौर पर किसानों का दो अरब 95 करोड़ 37 लाख 76 हजार रुपये बकाया रह जाएगा। इस धनराशि का भुगतान 28 जुलाई को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद किया जाएगा। खास बात यह है कि इस व्यवस्था में बकाया पर ब्याज की रकम को शामिल नहीं किया गया है। जबकि गन्ना एक्ट के मुताबिक किसान ब्याज पाने के हकदार हैं।
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