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सुहेली के तेवर गरम, शारदा नरम

Tue, 02 Aug 2016 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां।
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उफान - फोटो : अमर उजाला
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कई सड़कों पर चल रहा पानी, लोग परेशान
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 इलाके में शारदा नदी के उफान में गिरावट दर्ज की जा रही है तो सुहेली का उफान बढ़ गया है। सुहेली नदी का पानी कटन्नी पुलिया से सड़क पार करने लगा है। अग्निशमन कार्यालय में भी पानी भर गया है। प्रशासन ने कई बाढ़ ग्रस्त गांवों में लंच पैकेट और बिस्कुट बांटें हैं। शारदा नदी के उफान में कमी आई है हालांकि नदी अब भी खतरे के निशान 153.620 सेमी से 1.1 मीटर ऊपर 154.720 मीटर पर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बीते 24 घंटे में 4.2 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई है। 
शारदा नदी के तेवर नरम होने के बाद भी दौलतापुर, मटैहिया, बोझवा, मेलाघाट, श्रीनगर, खैराना, कृष्णानगर आदि गांव प्रभावित हैं। जबकि इमलिया जाने वाले रास्ते पर पानी चल रहा है। 
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मझगईं संवाददाता के मुताबिक क्षेत्र के नयापुरवा, खालेपुरवा, लियाकतपुरवा में अब भी पानी भरा हुआ है।  सुहेली नदी ने चंबरबोझ गांव को जहां टापू बना दिया है। पलिया से पटिहन जाने वाले रास्ते पर भी डिग्री कॉलेज के आगे मार्ग पर एक से दो फुट तक पानी बह रहा है। जबकि अग्निशमन कार्यालय में भी दो से तीन फुुट तक पानी भर गया है। डिग्री कॉलेज जाने वाले खड़ंजे पर भी बाढ़ का पानी है। जिससे कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को तमाम दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। पलिया निघासन मार्ग पर मलिनियां के पास रपटे पर भी बाढ़ का पानी है। एसडीएम शादाब असलम ने कृष्णानगर के बाढ़ग्रस्त मजरों में लंच पैकेट बांटे तो वहीं उनके निर्देश पर नायब तहसीलदार घनश्याम कुमार ने नयागांव में करीब एक हजार बिस्कुट के पैकेट बंटवाए हैं। 

शारदा का कटान जारी
मझगईं। नयापुरवा गांव में शारदा नदी ने तीन घर अपने आगोश में समा लिए। यहां नदी का कटान लगातार जारी है और इसमें अब तक दर्जनों ग्रामीणों के घर समा चुके हैं और सैकड़ों एकड़ जमीन भी जा चुकी है। नेकीराम, क्षत्रपाल, नरायन का बुरा हाल है। 


स्कूलों और गांवों में भरा बाढ़ का पानी 
निघासन। उफनाई शारदा का पानी गांवों में भरने लगा है। प्राथमिक विद्यालय बल्लीपुर, लुधौरी आदि स्कूलों में बाढ़ का पानी भरने से शिक्षण कार्य ठप है। उधर लालपुर के डिग्री कॉलेज के पास सड़क पर भी पानी चल रहा है। भदुरहिया, मोतीपुरवा, छेदुई, पुरैना आदि गांवों में बाढ़ का पानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन की तरफ से अब तक कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है। बाढ़ पीड़ित दो दिनों से भूखे प्यासे अपने घरों की छतों पर बैठे हैं। मवेशियों के चारे की व्यवस्था प्रतापगढ़, बबुरी आदि गांव के लोग नाव से कर रहे हैं। कई दिनों से लगातार पानी में जानवरों के बंधे रहने से उनके पैर सड़ने लगे हैं। यदि बाढ़ का पानी ऐसे ही बढ़ता रहा तो झंडी और पलिया संपर्क मार्ग बंद हो जाएगा। 

पानी में दो रपटा पुल डूबने से आवागमन बाधित
ममरी। कठिना नदी में बाढ़ आने से ममरी से पुवायां जाने वाले मार्ग पर स्थित घमहाघाट और सुंदरपुर से संसारपुर जाने वाले मार्ग पर स्थित कटरा घाट पर बने रपटा पुल पानी में डूब गए हैं। दोनों पुलों के ऊपर पांच फुट पानी चल रहा है। इससे इन मार्गों का यातायात ठप हो गया है।
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अमावस्या के दिन गोला के शिव मंदिर को आने वाले तमाम श्रद्धालु बाढ़ में फंस गए। बाढ़ में फंसे लोगों को सरदार लाल सिंह, अंग्रेज सिंह, जगदीश सिंह, सुरेश वर्मा, नवीन शर्मा, विकास वर्मा, रामखिलावन आदि ट्रैक्टर ट्राली से नदी पार करा रहे हैं। बीडीसी रामकुमार वर्मा, प्रधान रामविलास चौधरी भी राहगीरों की मदद में जुटे हैं। मल्लाह अपनी नाव लेकर नदी पर पहुंच रहे हैं। लोगों को नदी पार कराते वक्त मदद में जुटे लोग काफी सावधानी बरत रहे हैं जो पुल के दोनों और लगे एंगिल के सहारे ट्रैक्टर ट्रॉली से श्रद्धालुओं को नदी पार करा रहे हैं। नदी में पानी निरंतर बढ़ रहा है।
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