सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को नि:शुल्क वितरित की जाने वाली पुस्तकें कबाड़ियों को बेची जा रहीं हैं। पुलिस ने किताबें खरीदने वाले दो कबाड़ियों को हिरासत में लेकर 600 पुस्तकें बरामद की हैं।
क्षेत्र के गांव मगरेना के उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 6,7 और 8 के बच्चों के लिए सत्र 2014-15 में पुस्तकें वितरण के लिए भेजी गईं थीं। गुरुवार को दोपहर में क्षेत्र के गांव खेरिया घासी निवासी दो लोगों ने स्कूल में पहुंचकर 80 किलो 600 ग्राम वजन की पुस्तकें 580 रुपये में खरीदीं। स्कूल से पुस्तकें खरीदकर वे पुवायां-मोहम्मदी मार्ग पर एक कबाड़ की दुकान पर बेचने जा रहे थे तभी एसएसआई रामसिंह पवार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कबाड़ी को हिरासत में ले लिया और बोरों में भरी पुस्तकें और तराजू-बांट थाने में ले आए। मामले की जानकारी सीओ एसी श्रीवास्तव, एसडीएम शिशिर कुमार और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. ओपी राय को दी गई। पुलिस के अनुसार कबाड़ी ने एक शिक्षक के पुस्तकें बेचने की बात स्वीकार की है। खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार की ड्यूटी जिले पर नियुक्ति पत्र वितरण में लगी है उनसे बात नहीं हो सकी है। एबीआरसी सुभाष शुक्ला का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारी को अवगत करा दिया गया है उनका कहना है कि दोषी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। समाचार लिखे तक मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाई थी। इस संबंध में बीएसए से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन न उठने के कारण बात नहीं हो पाई।
पुस्तकों के साथ उत्तर पुस्तिकाएं भी मिलीं
मोहम्मदी। सर्व शिक्षा अभियान की पाठ्य पुस्तकों की बिक्री के साथ परीक्षा की ऐसी कापियां भी मिली जो स्कूल की परीक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही हैं।
जो कापियां मिली हैं उनपर न तो किसी अध्यापक के हस्ताक्षर हैं और न अंदर कहीं मूल्यांकन किया गया है। ऊपर कापी में रोल नंबर के पास केवल प्राप्तांक लिख दिए गए हैं। यह उत्तर पुस्तिकाएं सन 2012 की बताई गई हैं।