बेसिक शिक्षा विभाग में हुई अनुदेशक भर्ती मामले में जांच के बाद 14 और अनुदेशकों के प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। जांच में फर्जी पाए जाने के बाद बीएसए ने सभी 14 लोगों के विरुद्ध एफआईआर के लिए तहरीर दी है।
बेसिक शिक्षा विभाग में हुई अनुदेशक भर्ती में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी प्राप्त कर ली थी। इसकी भनक लगने पर बीएसए ने अनुदेशकों के प्रमाणपत्रों को लखनऊ विश्वविद्यालय जांच के लिए भेजा था। इसमें पिछले माह 46 अनुदेशकों की मार्क्सशीट, उम्र-जाति व बीपीएड के प्रमाणपत्र फर्जी मिले थे। बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी 46 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी। बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय ने लखीमपुरखीरी के बीएसए को 14 और अनुदेशकों के प्रमाणपत्र फर्जी होने की जानकारी भेजी थी। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए बीएसए ने इनके खिलाफ रिपोर्ट लिखाने की तहरीर दी है। देर रात तक कोतवाली सदर में इन लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
इन लोगों के विरुद्ध दी गई तहरीर
बीएसए ने जिन 14 लोगाें के विरुद्ध तहरीर दी है उनमें शशिकांत शुक्ला निवासी जड़ौरा थाना गोला, दुर्गेश कुमारी निवासी ग्राम जड़ौरा थाना गोला, पिंकी वर्मा श्याम नगर कालोनी गोला,कोमल वर्मा, वर्मा कालोनी पिपरिया बाईपास लखीमपुर, कौशल कुमार ग्राम जलालपुर थाना गोला, मधू देवी ग्राम देवरिया थाना गोला, मुनीषा देवी ग्राम परसेहरा थाना गोला, रामनिवास वर्मा ग्राम परसेहरा थाना गोला, धमेंद्र कुमार वर्मा ग्राम वजीरगंज थाना गोला, दीपक वर्मा वर्मा कालोनी पिपरिया बाइपास लखीमपुर,धर्मेशकुमार ग्राम मन्योरा थाना फरधान,सर्वजीत ग्राम ममरी थाना हैदराबाद, संजीव कुमार वर्मा ग्राम धौरहरा थाना फरधान और रामनरेश वर्मा धौरहरा खुर्द थाना फरधान के नाम शामिल हैं।