उत्तराखंड में पकड़े गए मजदूरों के पीड़ित परिजनस्रोत-संवाद
- फोटो : डॉ. सुरेंद्र वर्मा।
मैलानी । उत्तराखंड में मजदूरी करने गए मैलानी के कुरियानी गांव के चार और गोला के लखरावां निवासी एक मजदूर को उत्तराखंड पुलिस ने सात दिन से हिरासत में ले रखा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस जबरन चोरी की बात कबूलवाने के लिए उनकी पिटाई कर रही है। साथ ही उन्हें करंट भी लगाया जा रहा है।
उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली से आक्रोशित ग्रामीणों ने यहां मैलानी-भीरा मार्ग पर रविवार को जाम लगाया, लेकिन पुलिस ने समझा बुझाकर जाम खुलवा दिया। कुरियानी निवासी जमुना प्रसाद ने बताया कि उनके दो पुत्र संदीप कुमार और विनीत कुमार के अलावा गांव के छोटे लाल के पुत्र अरुण कुमार, हरद्वारी और थाना गोला के लखरावां निवासी सतनाम करीब तीन महीने पहले मजदूरी के लिए उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित काठगोदाम गए थे। वहां एक निर्माणाधीन मकान में वे लोग मजदूरी कर रहे थे।इस बीच वहां चोरी हो गई।
आठ दिसंबर को निर्माणाधीन मकान के मालिक ने संदीप की बहन नीतू को फोन कर बताया कि तुम्हारे भाई पुलिस में बंद हैं। इस पर वह अपनी बड़ी मां और गांव की ब्रजेश के संग काठगोदाम पुलिस चौकी पर गई।
आरोप है कि नीतू को भी पुलिस ने पकड़ लिया और पूछताछ के बाद ही छोड़ा। परिजनों का कहना है कि सभी बेकसूर हैं और पुलिस बेवजह सबको प्रताड़ित कर रही है। कोई सुनने वाला नहीं है। संदीप और विनीत के पिता जमुना प्रसाद ने बताया कि तीन महीने के मजदूरी के रुपये बकाया हैं। पैसे मांगने पर मकान के मालिक ने झूठे आरोप में सभी को पकड़वा दिया है।