अमीरनगर (खीरी)। दो सगी बहनों की रेप के बाद हत्या करने वाले आरोपियों के पकड़े जाने पर गांव वालों ने गुरुवार को राहत की सांस ली। गांव में एक तरफ जघन्य हत्या का खौफ था तो दूसरी ओर लोगों को यह भी डर था कि आरोपियों की तलाश में पुलिस कब किसे न उठे ले। क्योंकि पुलिस ने इस मामले में दर्जनों लोगों से पूछताछ की थी।
इस गांव में करीब दो हजार लोग रहते हैं। मुहर्रम के ताजिए बनाने के अलावा यहां के लोग खेतीबाड़ी और मजदूरी करते हैं। गांव के पूरब सूफी सैय्यद काजिम अली शाह उर्फ बूढ़े मियां, जबकि पश्चिम सूफी हुजूर अहमद मिर्जा उर्फ चचा मियों की मजार है। गांव में उच्च प्राथमिक स्कूल है, जबकि पास ही स्थित कस्बा अमीरनगर में इंटर कॉलेज सहित आसपास कई विद्यालय हैं, लेकिन यहां के बच्चे पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान न देकर परिवार वालों के साथ मजदूरी अथवा अन्य काम में हाथ बंटाने लगते हैं। अधिकांश युवा दिल्ली में सिलाई का काम कर रहे हैं। यहीं वजह है कि शिक्षा की दृष्टि से यह गांव काफी पिछड़ा है। दो साल पहले हुई एक रेप और मर्डर की घटना को छोड़कर गांव में छिटपुट वाद विवाद की घटनाएं हुईं। लेकिन इस वारदात के बाद लोग सिहर उठे। गांव में हर कोई कहता है कि दोनों बहनों के साथ हुई वारदात जघन्य है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। घटना के बाद गांव के लोगों का कामकाज ठप हो गया था। गुरुवार को जब घटना का खुलासा हुआ और गांव के तीन किशोर पकड़े गए तो एकबारगी किसी को भरोसा नहीं हुआ। लेकिन खुलासे बाद हर किसी ने राहत महसूस की और बृहस्पतिवार को सभी अपने अपने काम में व्यस्त नजर आए।
अश्लील वीडियो देखकर बनाई थी प्लानिंग
संचार क्रांति के गांव तक बढ़ते दायरे से विकास की संभावनाएं तो बढ़ी हैं, लेकिन इसके साइड इफेक्ट भी देखने को मिलने लगे हैं। दो सगी बहनों की रेप के बाद हत्या मामले में अश्लील वीडियो क्लिपिंग की बड़ी भूमिका है। एक बच्चे के पिता ने तो इसे स्वीकारा ही। खुद उसके 14 वर्षीय बेट ने कबूल किया था कि उन दोनों (अन्य आरोपियों) ने मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखी थी, उसके बाद उन लोगों ने बुरा काम (रेप) करने की प्लानिंग बनाई थी। इसके लिए शिकार की तलाश की, तो पड़ोस में रहने वाली दो सगी बहनों को टारगेट कर लिया था।
बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल पर अभिभावक रहें सतर्क
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार शुक्ला कहते हैं कि सस्ते होते स्मार्ट फोन और डेटा प्लान से गरीब परिवारों तक इनकी पहुंच हो गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्मार्टफोन से दूर रखना ही उचित है। यदि किशोर किसी का मोबाइल प्रयोग करते हैं तो उन पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। खासकर अभिभावकों को सबसे ज्यादा ध्यान देना होगा, जो सकारात्मक उपयोग के साथ ही इसके बुरे पहलू के बारे में भी बताएं।
आरोपियों के घर नहीं जला चूल्हा
दो सगी बहनों की रेप के बाद हत्या मामले में पकड़े गए तीनों किशोरों के घर वाले अपने बच्चों के हाथों हुई इस घटना को लेकर परेशान हैं। उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि उनके दिमाग में इतना बड़ा शैतान पलता रहा और वह जान ही नहीं पाए। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद से तीनों घरों में चूल्हा नहीं जला है।
आज भी बिलख रही बेटियों की मां
मृत बेटियों की मां कहती है कि खाना, पानी कुछ भी अच्छा नहीं लगता, लेकिन पेट तो भरना ही पड़ता है। वह कहती है मरते समय कितना तड़पी होंगी उनकी बच्चियां? यह सोंचकर वह रोने बिलखने लगती है। यह हाल लड़कियों के पिता और अन्य भाई बहनों का है। घटना के बाद से किसी ने भी मन से भरपेट खाना तक नहीं खाया।
तीनों आरोपी हरदोई केे बाल सुधार गृह भेजे गए
एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि रेप और हत्या के तीनों आरोपी किशोरावस्था के हैं, इसलिए कोर्ट ने तीनों को बाल एवं किशोर सुधार गृह, हरदोई 14 दिन के लिए भेज दिया।