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Lakhimpur Kheri News: पिता-पुत्र समेत चार हमलावरों को 28 साल बाद हुई सजा

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लखीमपुर खीरी। मारपीट के 28 साल पुराने मामले में एसीजेएम मोना सिंह ने अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने क्रॉस केस के मामले में दोनों पक्षों के हमलावरों को दोषी पाया है, जिन्हें डेढ़- डेढ़ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। जबकि सुनवाई के दौरान ही चार आरोपियों की मौत हो चुकी है।
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सहायक अभियोजन अधिकारी केपी सिंह ने बताया हैदराबाद थाना क्षेत्र के गणेशपुर निवासी बाबू खान और समीउल्ला खान के बीच में पुरानी अदावत चल रही थी। इसी रंजिश को लेकर पांच अक्टूबर 1995 की सुबह 8:00 बजे दोनों पक्षों के बीच फिर लाठियां चली थीं, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। चोटिल अजीज खान की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराते हुए समीउल्लाह खान, फहीम खान, उस्मान खान और हबीब खान को नामजद मुलजिम बनाया गया था तो दूसरी ओर बाबू खान, अजीज खान, जनाब खान और रहीस खान को आरोपित किया गया था।
28 सालों तक चली मुकदमे बाजी के दौरान जनाब खान और रईस खान की मौत हो गई तो दूसरे पक्ष के उस्मान खान और हबीब खान भी दिवंगत हो गए थे। दोनों पक्षों की और से दो दो आरोपी की सुनवाई चल रही थी जिसमें एक पक्ष की ओर से एपीओ केपी सिंह तो दूसरे पक्ष की ओर से एपीओ प्रदीप कुमार ने मोना सिंह की अदालत में प्रभावी तरीके से अपने पक्ष रखें।
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अदालत ने अपने फैसले में दोनों पक्षों के जीवित बचे दो दो आरोपियों को दोषी पाते हुए डेढ़ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही सभी पर पर डेढ़ हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
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