दुधवा के जंगल में डेरा डाले नेपाली हाथियों का झुंड।
लखीमपुर खीरी/बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व का जंगल नेपाल से आने वाले हाथियों के लिए भले ही बेहद अनुकूल प्राकृतवास है,लेकिन दुधवा में बढ़ रही हाथियों की आबादी किसानों के लिए मुसीबत बन रही है। जंगल से सटे किसानों के खेतों में फसलें तो तबाह हो ही रही हैं, हाथी जान लेने पर भी उतारू हैं।
नेपाल के शुक्ला फाटा नेशनल पार्क से 24 अक्टूबर 2022 को शारदा नदी पारकर संपूर्णानगर नगर रेंज होते हुए पीटीआर की हरीपुर रेंज से किशनपुर सेंक्चुरी की मड़हा बीट में डेरा डाला था। यहां कुछ समय प्रवास करने के बाद गोला-खुटार हाईवे पारकर दक्षिण खीरी वन प्रभाग की मोहम्मदी रेंज जा पहुंचे। दो अलग-अलग झुंडों में यह हाथी दो महीने के अधिक समय तक सहजनिया और देबीपुर बीट में विचरण करते रहे। दिन में जंगल में आराम करने के बाद शाम ढलते ही जंगल से सटे किसानों के खेतों में पहुंचकर उनकी धान,गन्ना और केले की फसल चरने के साथ ही रौंद डालते थे।
एक बुजुर्ग किसान की हाथी ले चुके हैं जान
मोहम्मदी रेंज में दो महीने से अधिक समय तक प्रवास के दौरान इन हाथियों ने महेशपुर बीट से सटे शिवपुरी गांव निवासी 60 वर्षीय किसान रामभरोसे पर हमला कर मार डालने के साथ नयागांव निवासी किसान निजामुद्दीन, इमामुद्दीन, रामदीन पुर निवासी राजकुमार और वीरन पर हमला कर गंभीर घायल कर दिया था। हाथियों के झुंड के फिर आने की खबर सुनकर जंगल से सटे गांवों के किसानों के आखों की नींद उड़ी हुई है।