मैगलगंज। मैगलगंज पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार कर रविवार रात हुईं लूट की दो घटनाओं का खुलासा करने का दावा किया है। मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से घायल एक बदमाश को जिला अस्पताल ओयल में भर्ती कराया गया है। पकड़े गए बदमाशों के पास से पुलिस ने नकदी समेत सोने चांदी के आभूषण भी बरामद किए हैं।
मैगलगंज क्षेत्र के गांव सदरपुर में रविवार की रात बदमाशों ने रविंद्र यादव के घर में घुसकर परिजनों को असलहों की नोक पर डरा-धमकाकर नकदी समेत सोने चांदी के आभूषणों की लूटपाट की थी। इसी रात में बाइक सवार छह बदमाशों ने अलीनगर फत्तेपुर मार्ग पर डीएससीएल अजबापुर शुगर मिल से ड्यूटी कर अपने गांव ओसरी जा रहे मनोज वर्मा के साथ मारपीट कर दो हजार की लूट की थी।
पुलिस के मुताबिक, सोमवार रात इन घटनाओं में शामिल बदमाशों की लोकेशन औरंगाबाद-बरवर मार्ग पर गोमती नदी के पुल के पास मिली। लोकेशन के आधार पर पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी की तो पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस टीम ने उसके तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
एक बदमाश भाग गया। गोली लगने से घायल बदमाश की शिनाख्त रामजी निवासी ढखौरा थाना मैगलगंज के रूप में हुई है। इसके अलावा पुलिस ने अन्य तीन बदमाशों ने नाम विमलेश निवासी बरबर थाना पसगवां, अभिषेक उर्फ गोलू निवासी सेमरा जानी थाना पसगवां और राज निवासी बरवर थाना पसगवां बताए हैं। पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हुए बदमाश की पहचान कपिल निवासी बेलहरा थाना पसगवां के रूप में हुई है।
पुलिस के खुलासे पर उठ रहे सवाल
मैगलगंज पुलिस ने लूट की घटनाओं का 24 घंटे में अनावरण कर दिया, लेकिन पुलिस के खुलासे को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं। जिन दो घटनाओं का खुलासा किया है, इनके भुक्तभोगियों तक को पुलिस ने कोई सूचना नहीं दी। जबकि सदरपुर गांव में हुई लूट के भुक्तभोगी ने तहरीर में यह लिखा था कि वह बदमाशों के सामने आने पर उन्हें पहचान लेंगे। इसके बाद भी पुलिस ने शिनाख्त नहीं कराई। सदरपुर गांव के पीड़ित रविंद्र ने बताया कि उसके घर लगभग आठ नकाबपोश सशस्त्र बदमाशों ने लूटपाट की थी, लेकिन पुलिस ने दबाव बनाकर तहरीर को चोरी में लिखवाया। मनोज ने भी तहरीर बदलवाने के लिए दबाव बनाने की बात कही है।