पोस्टमार्टम हाउस पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह के अलावा कई राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया। उज्जवल के घर पर 15 साल से प्रधानी हैं। हत्यारोपी भी पूर्व प्रधान का बेटा बताया जा रहा है। इधर, सदर कोतवाली के इंस्पेक्टर अंबर सिंह ने बताया कि आरोपी अभिषेक के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बुझ गया चिराग, धरी रह गईं परिजनों की उम्मीदें
जब उज्जवल जन्म हुआ था तो पिता प्रेम बाजपेई सहित अन्य सदस्य काफी खुश थे। 24 साल में ही उसकी हत्या कर दी गई। जवान बेटे की मौत का सदमा परिजन सहन नहीं कर पा रहे। मृतक उज्जवल की करीब डेढ़ साल पहले शादी हुई थी। चार-पांच महीने का पुत्र है।
कहीं पुरानी रंजिश में तो नहीं की गई उज्जवल की हत्या
पुलिस तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल कर रही है। सूत्रों की मानें तो कहीं पुरानी रंजिश के चलते तो उज्जवल की हत्या नहीं की गई। क्योंकि हत्यारोपी और मृतक के पिता प्रधान और पूर्व प्रधान रह चुके हैं। इधर, मृतक और हत्यारोपी भी आपस में दोस्त थे। उज्जवल की माता रेखा बाजपेई बेहजम के ग्राम मिर्जापुर सुनौरा की प्रधान हैं। वहीं इनके पिता भी दो बार उक्त गांव में प्रधानी जीते चुके हैं। इधर हत्यारोपी के पिता हरिओम खमरिया के पंडितपुरवा के पूर्व प्रधान रहे हैं।