मैलानी रेंज की सलेमपुर बीट में बाघ के हमले से गुरुवार दोपहर निकटवर्ती गांव कुकरा निवासी एक बुजुर्ग की मौत से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। उधर वन विभाग ने बाघ के हमले के बाद निगरानी बढ़ा दी है। डीएफओ साउथ नीरज कुमार के निर्देश पर भीरा और मैलानी रेंज कर्मियों की टीमें संबधित वन क्षेत्र में चौबीस घंटे बाघ की लोकेशन ट्रेस करने मेें जुटे गई हैं।
वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक बाघ के हमले का क्षेत्र जंगल से बिल्कुल सटा हुआ है। बाघ के खेतों में मौजूदगी की संभावना नहीं है। जंगल के अंदर जहां पर बाघ ने रईस पर हमला किया है। अक्सर वहां पर बाघ दिखाई देते है, लेकिन इस जगह बाघ के हमले की यह पहली घटना है। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की सलाह दी है। यह भी कहा है कि वे खेतों में अकेले न जाएं, इसके अलावा अपने मवेशियों को भी जंगल के आसपास न छोड़ें। उधर बाघ के हमले के बाद रईस की हुई मौत से उसके घर में कोहराम मचा हुआ। रईस की पत्नी सलिमा और बेटियों का रो-रो कर बुरा हाल है। शुक्रवार बांकेगंज ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि एवं सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष नरेश यादव, मैलानी नगर पंचायत चेयरपर्सन अनीता यादव, गोला विधायक प्रतिनिधि विपिन शर्मा, गुरुदमन सिंह मन्नन उर्फ दम्मी, बीडीसी महासंघ के ब्लाक अध्यक्ष नावेद खां, खुर्शीद खां आदि पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और ढाढ़स बंधाया। साथ ही यथा संभव मदद का आश्वासन दिया। उधर इस संबंध में डीएफओ साउथ नीरज कुमार ने बताया कि मृतक आश्रितों को शासनादेश के मुताबिक मुआवजा दिया जाएगा।