निघासन। ग्राम पचपेड़ी में निवासी दस वर्षीय गुलाम हुसैन की गला घोंटकर हत्या की पुष्टि होने के बाद फॉरेंसिक टीम ने मंगलवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाकर जांच के लिए भेजे हैं।
फॉरेंसिक टीम ने केले के खेत से खून के छींटे लगे केले के पत्ते, मृतक की टोपी, चप्पलें और खेत की मिट्टी के नमूने एकत्र किए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। घटना के तीसरे दिन मंगलवार को निघासन सीओ शिवम कुमार, क्राइम इंस्पेक्टर दिनेश तिवारी और दक्षिण निघासन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी मोबिन आरिफ मौके पर पहुंचे। परिजनों से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
मृतक की मां रुकीना ने बताया कि उनका परिवार झोपड़ी में रहकर जीवन यापन करता है और अब तक किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका है। उन्होंने सरकार से आर्थिक सहायता और और मुआवजे की मांग की है।
बताते चलें कि गांव पचपेड़ी निवासी मदारू का दस वर्षीय पुत्र गुलाम हुसैन शुक्रवार सुबह घर से लापता हो गया था। रविवार को गांव से करीब चार सौ मीटर दूर केले के खेत में उसका अधखाया शव मिला था। पोस्टमाॅर्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी।