ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्य पद के चुनाव के पहले चरण में शनिवार को होने वाले मतदान को शांतिपूर्वक कराने के लिए अफसरों ने पूरी ताकत झोंकते हुए लगभग पूरा पुलिस फोर्स मतदान ड्यूटी में लगा दिया है, जिससे अधिकांश पुलिस चौकियों में सन्नाटा पसर गया। वहीं थानों और कोतवाली में गश्त के लिए एसओ, प्रभारी निरीक्षकों के पास हमराही नहीं बचे हैं।
इतना ही नहीं पुलिस चौकियों की रखवाली के लिए एक चौकीदार भी नसीब नहीं हुआ। इससे फरियादियों को चौकी से बैरंग होना पड़ा तो थानों और कोतवाली में स्टाफ न होने से कामकाज लगभग ठप रहा।
हाल में संपन्न कराए गए जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनाव में कुछ जगहों पर गड़बड़ियां हुई थीं, जिसमें मितौली के एक मतदान केंद्र पर समर्थकों के संग पहुंचे सपा विधायक और एसआई के बीच मारपीट हो गई थी। पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए प्रधानी के चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाहता है।
लिहाजा जिले भर के थानों, कोतवाली और पुलिस चौकियों में तैनात दरोगा और सिपाहियों को चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया। इसके अलावा होमगार्ड्स, पीआरडी और अधिकांश चौकीदारों को चुनाव में लगा दिया गया। इससे सदर कोतवाली की रिपोर्टिंग चौकी शारदानगर समेत महेवागंज, रामापुर, मिश्राना आदि में सन्नाटा पसर गया। यहां रखवाली के लिए एक भी चौकीदार नसीब नहीं हो सका है। इसी तरह अन्य थाना और उनकी चौकियों का हाल है, जिनमें एक होमगार्ड मयस्सर नहीं है।