बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व की दक्षिण सोनारीपुर रेंज में रविवार को आपसी संघर्ष में घायल हुए गैंडे को पार्क के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर और डॉ. तलहा ने पहली बार बेहोश कर उनका इलाज किया है। इस कठिन कार्य में सफलता मिलने पर टाइगर रिजर्व प्रशासन में खुशी है। इससे पहले आसाम के गैंडा विशेषज्ञों को दुधवा बुलाकर इन्हें बेहोश किया जाता था।
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि यह एक अभिनव प्रयोग है। इसमें पार्क के पशु चिकित्सकों ने सफलता हासिल की है। आपसी संघर्ष में गंभीर घायल हुए गैंडे को तत्काल इलाज की जरूरत थी। इस पर पार्क प्रशासन ने उच्चाधिकारियों से अनुमति के बाद घायल गैंडों को बेहाेश करने की जिम्मेदारी बफरजोन के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर और दुधवा के डाॅ. तलहा को जिम्मेदारी दी गई। दोनों ने इस कार्य में सफलता हासिल कर बेहोश कर इलाज किया गया। होश आने के बाद गैंडे को फिर बाड़े में आजाद कर दिया गया।
एफडी ने बताया कि घायल गैंडे की निगरानी के लिए गठित टीमें हाथियों के जरिए पेट्रोलिंग कर उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।