- मंगलवार की सुबह चार बजे से सात बजे तक छाया रहा घना कोहरा, हेडलाइट जलाकर चले वाहन
- न्यूनतम और अधिकतम तापमान में दूने से भी अधिक का अंतर होने से लोग हो रहे बीमार
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। जिले में शहर से लेकर देहात तक मौसम दिन में कई रंग बदल रहा है। सुबह शाम गुलाबी ठंड और दिन में कड़ी धूप, अप्रैल जैसी गर्मी का अहसास करा रही है।
मंगलवार को सुबह तड़के जिले में इतना घना कोहरा छाया था कि वाहन चलाना भी मुश्किल हो रहा था। सुबह चार बजे से लेकर करीब सात बजे तक लोगों को हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े। दृश्यता घटकर सिर्फ 25 मीटर रह गई। सुबह लोगों को फरवरी के शुरूआती दिनों की तरह ठंड का अहसास हुआ।
ज्यों-ज्यों सूरज ऊपर चढ़ता गया गर्मी बढ़ती चली गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में दूने से भी अधिक का अंतर होने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। सुबह शाम की ठंड से लोग लापरवाह होने से गर्म कपड़े छोड़कर गर्मियों के कपड़ों में आ गए हैं। यह लापरवाही भारी पड़ने लगी है। बहुत से लोग सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार से पीड़ित हो रहे हैं।
मौसम के इस बदलाव पर मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के सेवानिवृत्त उपनिदेशक जेपी गुप्ता का कहना है कि मौसम का यह रंग आश्चर्यजनक नहीं है। होली के पहले तक हल्की ठंड रहती है, लेकिन जिस ढंग से कोहरा पड़ है वह आश्चर्यजनक है। दिन और रात के तापमान में दूने से अधिक का अंतर परेशानी में डालने वाला है। डॉक्टर भी ऐसे मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मझगईं। चार दिन पहले जहां भीषण कोहरा सुबह दस बजे तक पड़ा था। वहीं मंगलवार की सुबह फिर एक बार तराई इलाका कोहरे की चादर में लिपटा रहा। दिन में गर्मी पड़ने और सुबह शाम और रात में अधिक ठंड पड़ने से खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।
बदलते मौसम में खानपान पर रखें ध्यान
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विजय प्रकाश वर्मा बताते हैं कि दिन में धूप निकलने के कारण लोगों ने गर्म कपड़े पहनना छोड़ दिया है, जबकि शाम को मौसम ठंडा हो जाता है। इस तरह की लापरवाही मौसमी बीमारियों का कारण बन रही है। इस समय जो भी मरीज आ रहे हैं हर कोई सर्दी, जुकाम, बुखार से लेकर खांसी आदि से पीड़ित हैै। वहीं सहालग का सीजन चल रहा है। ऐसे में अत्यधिक तला भुना एवं आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक आदि का सेवन करना भी मुसीबत बन रहा है। होली तक ठंडी चीजें का सेवन करने से बचें। खान पान ध्यान देकर मौसमी फल एवं हरी सब्जियों का भरपूर सेवन करें। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक मजबूत होगी और बीमारियों से बचाव होगा। सुबह शाम गर्म कपड़े पहनकर सर्दी से बचाव करें।