धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। तहसील क्षेत्र में शारदा और घाघरा नदियों का कहर लगातार जारी है। जलस्तर कम होने के साथ ही नदियों ने कृषि योग्य भूमि का कटान शुरू कर दिया है। रमियाबेहड़ के मोटेबाबा, गोडियनपुरवा, बिंजहा बाछेपारा में घाघरा नदी कृषि योग्य भूमि का कटान कर रही है। शुक्रवार को कटान से बचाव के लिए बनाए गए 50 मीटर बंधे को रैनी गांव के पास शारदा नदी ने काट दिया, जबकि सिंचाई विभाग का बाढ़ खंड का कहना है कि मामूली नुकसान हुआ है, जिसे भी ठीक किया जा रहा है।
शुक्रवार की रात शारदा नदी ने रैनी गांव के आगे बंधे को काट दिया। यहां बता दें कि रैनी, सरगड़ा, बीरबाबा पुरवा एवं बेलवा मोती गांवो ंकी सुरक्षा के लिए 5.95 करोड़ की लागत से परियोजना शुरू की गई थी। जिसे बाढ़ खंड कई महीनों बाद भी पूरा नहीं करवा सका। शुक्रवार की रात करीब बारह बजे नदी की तेज धारा की जद में आकर करीब 50 मीटर तटबंध कट गया। ग्रामीणों का आरोप है अगर समय से कार्य पूरा हुआ हुआ होता तो यह नौबत नही आती। तहसीलदार अनिल यादव ने बंधा कटने की सूचना पाकर रैनी गांव जाकर कटान का जायजा लिया और बचाव के लिए हरसंभव कोशिश का भरोसा दिया।
इधर, बाढ़ खंड के जेई धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि नदी की धारा परियोजना की तरफ हो जाने के चलते उसमें आंशिक नुकसान हुआ है। जिसपर शुक्रवार रात से ही काम शुरू करवा दिया गया है किसी भी हालत में परियोजना के साथ ही गांव का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
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बाढ़ कटान प्रभावित गांव का एसडीएम ने लिया जायजा
धौरहरा। एसडीएम ने ईसानगर के बाढ़ कटान से प्रभावित मिलिक, लौकाही, मल्लापुर गांवों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर राजस्व कर्मियों को निस्तारण के लिए निर्देशित किया।
शनिवार को एसडीएम धौरहरा रेनू ईसानगर क्षेत्र के बाढ़ कटान से प्रभावित गांवों में पहुंचीं और कटान का जायजा लिया। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका निस्तारण करने के लिए मौके पर मौजूद राजस्व निरीक्षक रामचंद्र, लेखपाल सुशील दीक्षित को निर्देश दिए। साथ ही सर्वे कर रिपोर्ट उन्हें भेजने के लिए कहा। संवाद
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शारदा नदी खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर
पलियाकलां। दो दिनों से लगातार बढ़ रहा शारदा नदी का जलस्तर अब घटने लगा है, लेकिन नदी अब भी खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं सुहेली नदी का जलस्तर घटने लगा है, पर कई गांवों में पानी भर गया है।
जल आयोग के केके प्रजापति ने बताया कि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर बहते हुए 154.450 पर स्थिर है। बताया कि नदी का जलस्तर शनिवार की सुबह से ही घट रहा है और काफी हद तक खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है।
उधर दूसरी तरफ सुहेली नदी का जलस्तर भी अब घटने लगा है। लेकिन नदी का पानी चंबरबोझ रपटा पुल, निषादनगर घोला आदि गांव में भरा हुआ है। वहीं आसपास इलाके के नालों में भी नदी का पानी भरा हुआ है। संवाद
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ग्रंट 12 में थम नही रही शारदा नदी की विनाश लीला
महेवागंज। गांव ग्रंट 12 में शारदा नदी का कहर शांत होने का नाम नही ले रहा। रोजाना ही मकान भरभराकर नदी में समा रहे हैं। अब तक तीन दर्जन से ज्यादा मकान नदी की आगोश में जा चुके हैं।
बीते चौबीस घंटे में गोवर्धन, दीनानाथ, महेश दीनदयाल और रामजीत समेत पांच लोगों के घर नदी की भेंट चढ़ गए।
राजस्व आंकड़ों की बात करें तो तीन दर्जन से ज्यादा घर और 27 एकड़ कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। सिर से छत छिनने के साथ ही फसल चौपट होने से लोगों को पेट पालना मुश्किल पड़ रहा है। ग्रामीण पलायन को मजबूर हैं। गांव ग्रंट-12 में बमुश्किल 15 घर शेष बचे है। पीड़ितों का आरोप है अब तक उन्हें कोई ठोस मदद नही मिली। वे सड़क किनारे झोपड़ी डाल गुजर बसर कर रहे है। संवाद