सामाजिक संस्था एम और शारदा विस्थापित मंच ने बाढ़ आपदा, जोखिम न्यूनीकरण पर तीन दिवसीय एक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे प्रयास करना है जिससे बाढ़ से होने वाली क्षति को कम किया जा सके । बाढ़ से पहले स्वयंसेवकों को बाढ़ के दौरान सहयोग के लिए तैयार किया जा सके और लोगों की मदद हो सके।
प्रशिक्षण में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि बाढ़ के दौरान मानव के साथ पशुओं की विशेष देखभाल की जरूरत होती है। बाढ़ के दौरान पशुओं में कई तरह के रोग हो सकते हैं। इनसे बचाव के लिए पहले से सावधानी बरतनी चाहिए। रिटायर्ड पशु चिकित्साधिकारी जीपी तिवारी ने बताया कि बाढ़ के दौरान पशुओं के चारे की समस्या हो जाती है।
कार्यशाला में विनोद कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यशाला में फूलबेहड़, नकहा, निघासन आदि ब्लाकों के 80 प्रतिभागी मौजूद रहे। एम की ओर से अनिल कुमार, संतराम, रामबचन, विक्रम प्रसाद आदि मौजूद रहे।