लखीमपुर खीरी। जंगली जानवरों के अंग और उनकी खाल-हड्डियों की तस्करी में लगे छह आरोपियों को एडीजे देंवेंद्र नाथ सिंह ने पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में शामिल रहे दो आरोपियों की मुकदमा सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
वन विभाग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत में बताया कि 28 अक्टूबर की सुबह साढे आठ बजे संसारपुर के निकट खुटार गोला रोड पर नौ व्यक्तियों को एक बोरी व झोले के साथ देखा गया। एक आरोपी के पास एक नाली बंदूक भी थी। टीम ने शिकारियों को पकड़ लिया। बंदूक लेकर भागे रामदीन के बारे में खबर मिली तो वनकर्मियों ने उसे अमखेरवा के रास्ते में पहुंचकर खेतों में दौड़ाकर पकड़ा था।
वन अधिवक्ता ने बताया विभाग ने अशोक, रूपराम उर्फ रोहन, नेत्रराम, त्रिमोहन, फूलचंद्र और तोताराम, रामदीन, रामसागर और दाताराम के खिलाफ वन्य जीव जंतु सरंक्षण अधिनियम में केस दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान ही दाताराम की फाइल अलग की गई, तो रामदीन व रामसागर की 17 साल चली अदालती सुनवाई के बीच मौत हो चुकी है।
बुधवार को एडीजे देवेंद्रनाथ सिंह ने अशोक, रूपराम उर्फ रोहन, नेत्रराम, त्रिमोहन, फूलचंद और तोताराम को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।