शारदा नदी में समाता जा रहा सिंघिया गांव
विकास खंड बिजुआ क्षेत्र के सिंघिया गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। इस गांव में 2024 में कुल 119 घर थे। पिछले साल 25 घर शारदा नदी के कटान की चपेट में आ गए। इस साल सितंबर से शुरू हुए कटान में अब तक 41 और घर नदी में समा चुके हैं। 21 सितंबर को एक ही दिन में 11 मकान, सड़कें और कई बिजली के खंभे नदी में बह गए। जिन परिवारों के घर नदी में समा गए उनमें रामनरायन, दारासिंह, लल्लन, महेश कुमार, प्रमोद कुमार, भृगुनाथ, रामप्रवेश, नीरज कुमार, गौरीशंकर, गनेश और हरेराम के नाम शामिल हैं।
यह लोग सड़क किनारे तिरपाल डालकर अपने बच्चों और मवेशियों के साथ रहने को मजबूर हैं। बेघर हुए परिवारों की स्थिति दयनीय है। महिलाएं और बच्चे खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं। छोटे बच्चों के लिए दूध और दवाओं की कमी है। मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम करना भी चुनौती बन गया है। पीने के पानी की किल्लत पैदा हो गई है। क्षेत्रीय लेखपाल राकेश शुक्ल स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और तहसील प्रशासन को नियमित रूप से जानकारी दे रहे हैं।