जमैयतपुर के मजरा टांगिया में खाना बनाते समय चूल्हे से उठी लपट से हुआ हादसा
ब्लाक बाकेगंज की ग्राम पंचायत जमैयतपुर के मजरा टांगिया में सुबह खाना बनाते समय लगी आग में पांच घर जलकर राख हो गए। अग्निकांड में एक गाय जलकर मर गई और एक बैल झुलस गया। आग से लाखों का नुकसान हुआ है।
जंगल के बीच बसे मजरा टांगिया में राधेश्याम की पत्नी कुसुमा देवी सुबह खाना बना रही थी तभी अचानक चूल्हे से उठी लपट से छप्पर ने आग पकड़ ली, देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग से पांच छप्परनुमा घर धूं-धूकर जलने लगे। आग लगने से कोहराम मच गया लोग घरों से अबोध बच्चों, सामान को उठाकर सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे तो कुछ लोग आग बुझाने की कोशिश में लग गए। आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड के एएसआई सुरेंद्र सिंह सिंदे, चंद्रिका प्रसाद, हरिपाल, सुनील कुमार के साथ दमकल की छोटी गाड़ी लेकर रास्ता न होने के कारण मौके पर पहुंचे और लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। तब तक पांचों घर जलकर राख हो चुके थे। आग में बहादुर लाल की एक गाय जलकर मर गई और बैल झुलस गया, राधेश्याम के घर में रखे 10 हजार रूपए, 50 हजार रूपए कीमत के जेवर समेत ओमप्रकाश, बेबा सोमनी, कौशल कुमार सहित पांचों घरों का आनाज, कपड़ा, बर्तन आदि लाखों का घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया है। फारेस्ट कर्मियों, राजस्व कर्मियों ने मौके पर जाकर जांच की है।
19 घंटे से तड़प रही झुलसी बुजुर्ग महिला, लेने नहीं पहुंची एंबुलेंस
बिजुआ। बिजुआ ब्लाक के पल्हनापुर के पास जंगल में बसे टांगिया गांव में मंगलवार की रात आग लगने से झुलसी एक बुजुर्ग महिला पिछले 19 घंटे से एंबुलेंस का इंतजार कर रही है, गांव वालों का दावा है कि एंबुलेंस वाले अभी तक यही बता रहे हैं कि कुछ देर में पहुंचेंगे। महिला का दर्द जब उनके बेटे से देखा न गया तो डीएम खीरी को फोन लगा कर मदद मांगी। वहीं आग में महिला के अलावा चार जानवर भी जल गए हैं, जानवरों के झुलसने की भी खबर डाक्टरों को दी गई, लेकिन वहां कोई नहीं पहुंचा। देर शाम को डीएम कार्यालय से फोन कर आश्वस्त किया गया कि पौन घंटे में उन तक मदद के लिए एंबुलेंस पहुंच रही है।
टांगिया गांव में आग लगने से घर के छप्पर में फंसकर 60 साल की सिविरता नाम की बुजुर्ग महिला बुरी तरह झुलस गई। साथ ही एक बैल एवं तीन भैंस भी जल गए। झुलसी महिला को इलाज के लिए अस्पताल लाने के लिए गांव के एक शख्स ने अपने मोबाइल से 108 एवं 102 को कॉल कर मदद मांगी लेकिन कहीं से मदद नहीं पहुंची। सुबह नौ बजे भी कॉल की गई, बताते हें कि एंबुलेंस वाले जंगल के भीतर गांव होने से गाड़ी लाने से मना कर रहे थे, इसी के चलते सुबह भी कोई एंबुलेंस झुलसी महिला को लेने नही पहुंची। शाम छह बजे महिला का दर्द देखकर गांव के रामबिलास ने डीएम आकाशदीप को फोन कर पूरी बात बताई। डीएम की ओर से कुछ देर बाद जवाब मिला कि करीब 45 मिनट में एंबुलेंस उन तक मदद को पहुंच जाएगी।
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आग में तीन परिवारों की गृहस्थी हुई खाक
गांव में कल्पनाथ के घर आग लगी थी, जिससे उनके तीन पुत्र रामलखन, वीरबहादुर और हीरा के घरों की पूरी गृहस्थी खाक हो गई। ग्रामीणों नें सूचना हल्का लेखपाल को दी है, शाम तक कोई नही पहुंचा।