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पहले प्रेरणा, अब दीक्षा एप से घबरा रहे शिक्षक

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लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों ने कुछ महीने पहले प्रेरणा एप का विरोध किया था, जिसका गतिरोध अब तक दूर नहीं हुआ है। अब शिक्षकों को ऑनलाइन उपचारात्मक प्रशिक्षण देने के लिए विभाग ने दीक्षा एप का उपयोग चालू किया है, जिसे डाउनलोड करके रजिस्ट्रेशन कराने से काफी शिक्षक कतरा रहे हैैं। अब तक सिर्फ 23 प्रतिशत (3023) शिक्षकों ने एप को डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि कुल शिक्षकों की संख्या 12,888 है। इस एप के माध्यम से सिलेबस की जानकारी मिलती है।
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विभाग को हाईटेक बनाने की कवायद काफी अर्से से हो रही है। अब तो कोरोना महामारी के चलते ऑनलाइन प्रशिक्षण और भी जरूरी हो गया है। जुलाई से परिषदीय विद्यालयों को खोला जाना है और बच्चों को किताबों का वितरण होना है। इसके अलावा अभिभावकों को लॉकडाउन अवधि का अनाज और परिर्वतन लागत का पैसा लेने के विद्यालयों से प्राधिकार पत्र प्राप्त करना होगा। इसके लिए निर्देश और प्रारूप जारी किए गए हैं। 22 मार्च से सभी विद्यालय बंद हैं, जिससे शिक्षक भी अपने निजी कार्यों में रम गए हैं। इसी का नतीजा है कि दीक्षा एप के जरिए उपाचारात्मक प्रशिक्षण लेने से शिक्षक बचना चाह रहे हैैं, जबकि इस प्रशिक्षण को पूरा करने की अंतिम तिथि 27 जून 2020 निर्धारित है। लिहाजा दो दिनों के कम समय में 77 प्रतिशत शिक्षकों का रजिस्ट्रेशन कराने की चुनौती से अधिकारियों के हाथ-पांव फूल रहे हैं। अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा ने शिक्षकों के जल्द रजिस्ट्रेशन पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि जिन शिक्षकों ने एप डाउनलोड किया है, वे उसका प्रयोग नहीं कर रहे हैं। इससे स्थिति गंभीर होती जा रही है। लिहाजा बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने सभी बीईओ से दीक्षा एप डाउनलोड न करने वाले शिक्षकों का ब्यौरा मांगा है। साथ शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि दीक्षा एप डाउनलोड करते समय मानव संपदा पोर्टल पर रजिस्टर मोबाइल नंबर का ही प्रयोग करें।
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