लखीमपुर खीरी। परिवहन निगम और यातायात पुलिस की अनदेखी से शहर में दिन पर दिन पटाखा बुलेट बाइकों की संख्या बढ़ती जा रही है। शौकीन लोग बुलेट बाइक के साइलेंसर से पटाखा फोड़ते हुए गुजरते हैं। साइलेंसर की तेज आवाज न सिर्फ दिल के मरीजों के लिए घातक होती है, वहीं आम लोगों के कान के पर्दे तक हिला देती है। बावजूद इसके यातायात पुलिस ऐसे बाइक चालकों पर कार्रवाई नहीं कर रही।
आबादी क्षेत्र में 55 डेसिबल तक की ध्वनि को सामान्य माना जाता है, लेकिन कई युवा शौक के लिए अपने वाहन के साइलेंसर में बदलाव करवाते हैं, जिससे 100 डेसिबल से भी ज्यादा आवाज निकलती है, जो दिल के साथ ही कानों के लिए भी घातक होती है।
तेज आवाज कमजोर दिल वालों के लिए तो घातक है ही, साथ ही बाजार में कभी-कभी सामान्य व्यक्ति भी पटाखा बुलेट की आवाज से घबरा जाता है। जिला अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि तेज आवाज कानों को नुकसान पहुंचाती है। कान में सीटी बजने की समस्या हो जाती है।
खुले आम बदले जाते हैं साइलेंसर
शहर के काफ़ी मिस्त्री बाइकों में साइलेंसर बदलने का काम करते हैं। इसमें रामापुर, शाहपुर कोठी, नौरंगाबाद, कलक्ट्रेट चौराहा, इमली चौराहा, रोडवेज, मेला मैदान, पलिया बस अड्डा आदि जगहों पर बाइकों के साइलेंसर खुले आम बदले जाते हैं।
पटाखा बुलेट वाले युवक का वायरल हुआ था वीडियो
एक हफ्ता पहले महेवागंज पुल पर एक युवक का बुलेट बाइक के साइलेंसर का पटाखा फोड़ते हुए वीडियो वायरल हुआ था, लेकिन इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
पटाखा बुलेट को लेकर लगातार अभियान चलाया जाता है। जहां ऐसी बुलेट दिखाई देती हैं, चालान के साथ ही पटाखा साइलेंसर को हटवाया जाता है। जल्द ही अभियान तेज कर ऐसे वाहन स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - योगेंद्र यादव, टीएसआई