सीएचसी धौरहरा में शुक्रवार की रात अचानक आग लग गई। इससे अस्पताल में हजारों की दवा और आवश्यक रिकार्ड जल गया। मरीजों के तीमारदारों और स्टाफ के लोगों ने कड़ी मेहनत कर आग पर काबू पाया। फायर सर्विस की गाड़ी लगभग 45 विलंब से पहुंची।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौरहरा की डिस्पेंसरी से शुक्रवार की रात अचानक आग की लपटे और धुआं उठते देख मरीजों और स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। यह देख सीएचसी अधीक्षक समेत पूरा स्टाफ और मरीजों के परिवार के लोग आग बुझाने में जुट गए। इसकी सूचना पावर हाउस और फायर सर्विस को दी गई। सूचना पर पावर हाउस से तो तुरंत बिजली काट दी गई लेकिन फायर बिग्रेड को महज एक किलोमीटर की दूरी तय करने में 45 मिनट लग गए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरआर वर्मा ने शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई है।
उन्होंने बताया आग करीब रात आठ बजे डिस्पेंसरी में लगी थी जिससे डिस्पेंसरी में रखी रुई और पट्टी में आग लगने से आग भड़क गई। आग से अलमारी में रखे तमाम आवश्यक कागजात भी जल गए। स्टोर से बाहर रखी दवाएं भी जलने लगी। गनीमत रही कि जिधर आग लगी थी उधर के वार्ड में मरीज भर्ती नहीं थे। प्रसव केंद्र दूसरी तरफ होने से वहां धुएं का असर नहीं हुआ। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरआर वर्मा ने बताया कि स्टोर के भीतर आग नहीं पहुंचने से दवाओं का नुकसान कम हुआ है लेकिन अभिलेख क्षतिग्रस्त हुए है। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच कराई जाएगी।