लखीमपुर खीरी। सफर के दौरान रोडवेज बस में आग लग जाए तो अग्निशमन यंत्र ढूंढे नहीं मिलेगा, क्योंकि इन्हें सीट के नीचे या बाॅक्स के अंदर छिपाकर रखा गया है। ज्यादातर बसों में एक्सपायर्ड होने के बाद भी फायर यंत्र नहीं बदला गया है। उस पर अंकित एक्सपायर्ड तिथि को जरूर मिटा दिया गया है।
इतना ही नहीं, अगर बस में सफर के दौरान किसी की तबीयत खराब हो जाए तो भगवान ही मालिक है। यात्रियों को बस से उतरकर डॉक्टर ही तलाशना पड़ेगा। बसों में प्राथमिक उपचार के लिए दवाएं और ओआरएस तक उपलब्ध नहीं है। अफसर भले ही दावा करें कि सारे इंतजाम परिचालक के पास हैं, लेकिन उन्हें इसकी ज्यादा जानकारी नहीं है।
लखीमपुर डिपो से अनुबंधित 81 और परिवहन निगम की 12 बसें संचालित होती हैं। बुधवार को आठ अनुबंधित बसों की पड़ताल की गई तो चार के हाल ऐसे ही मिले। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आधी बसें इसी तरह दाैड़ रही हैं।
बस संख्या यूपी 31 एटी 5355 में फायर सिलिंडर नहीं मिला। फर्स्ड एड बॉक्स लगा था, लेकिन उसमें दवाएं नहीं थी। इस बस का आपातकालीन गेट भी जाम था, जो काफी समय से नहीं खोला गया होगा। इस बस की सीटें भी हिलती मिलीं और कई सीटों के कवर फटे थे। कुछ सीटें ऊंची-नीची भी मिलीं। फायर सिलिंडर व फर्स्ड एड बॉक्स के संंबंध में जब चालक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इसकी कभी जरूरत नहीं पड़ी।
डिपो की ही यूपी 31 बीटी 0981 में भी यही हाल मिला। फर्स्ट एड बॉक्स में पर्याप्त दवाएं नहीं थीं। फायर सिलिंडर को छिपाकर रखा गया था, जबकि उसको सामने रखा जाना चाहिए। परिचालक बोला कि सिलिंडर बाहर रखेंगे तो यात्री इसको उठा ले जाएंगे। फायर सिलिंडर पर एक्सपार्ड तिथि भी अंकित नहीं थी।
यूपी 31 बीटी 1296 नंबर की बस में फर्स्ट एड बॉक्स में दवाएं नहीं थीं। फायर सिलिंडर भी छिपाकर रखा गया था। इन तीनों बसों का इमरजेंसी गेट जाम मिला। इसी तरह यूपी 31 टी 7874 में फर्स्ड एण्ड बॉक्स में पर्याप्त दवाएं नहीं मिली। दो टेबलेट, एक सोलन व कुछ पट्टी मिली।
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शासन की सख्ती का भी असर नहीं
बसों में अग्निशमन यंत्र, फस्ट एड बॉक्स में दवाएं आदि होनी चाहिए, लेकिन अधिकांश में नहीं हैं। किसी में दवाएं नहीं होती तो किसी में फायर यंत्र नहीं होते। इसको लेकर शासन ने सख्ती दिखाई थी। लखीमपुर डिपो की एआरएम ने सभी बस मालिकों को पत्र जारी कर यह सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे, कुछ ने कराया भी, लेकिन अधिकांश की स्थिति जस की तस है।
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मालिकों को जारी हो चुकी नोटिस
कुछ दिन पहले अनुबंधित बसों की जांच कराई गई थी। कई बसों में कुछ न कुछ खामियां मिली थीं। संबंधित बस मालिकों को नोटिस जारी किया जा चुका है। अब दोबारा से जांच कराई जाएगी। अगर फिर भी कोई सुधार नहीं मिला तो उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
-एआरएम गीता सिंह, लखीमपुर डिपो
अनुबंधित एक बस में इस तरह छुपाकर रखा मिला फायर सिलिंडर। संवाद
अनुबंधित एक बस में इस तरह छुपाकर रखा मिला फायर सिलिंडर। संवाद
अनुबंधित एक बस में इस तरह छुपाकर रखा मिला फायर सिलिंडर। संवाद