गर्मी में जिले में अग्निकांडों का ग्राफ साल दर साल बढ़ता जा रहा है। लिहाजा अग्निशमन विभाग ने इस साल अग्निकांडों पर काबू पाने के लिए संसाधन बढ़ाए हैं, लेकिन महकमे के पास अब भी दमकल कर्मियों की काफी कमी है। ऐसे में फायर ब्रिगेड से ज्यादा आग से बचाव के लिए लोगों को ही सजग रहना पड़ेगा।
एक साल पहले तक अग्निशमन विभाग के पास एक ही मोटर फायर इंजन होता था, वह भी कई दशकों पुराना था लेकिन इस साल अग्निशमन के पास तीन मोटर फायर इंजन हो गए हैं तो दो पंप भी मिल गए हैं, जिन्हें गांवों में आग बुझाने के समय ट्यूबवेल पर लगाया जाएगा। अधिकारियों ने जिला मुख्यालय स्थित फायर स्टेशन के लिए 10 हजार लीटर की क्षमता वाले वाटर बाउजर तथा केमिकल या ऑयल में लगी आग को बुझाने के लिए फोम टेंडर की डिमांड की है।
इधर, जिले में मानक के अनुसार आग बुझाने के लिए 80 सिपाहियों की जरूरत है, लेकिन यहां तैनाती सिर्फ 20 की ही है। एक साल पहले तक तो विभाग के पास सिर्फ आठ ही सिपाही थे, लेकिन मौजूदा समय में 12 नए सिपाहियों की आमद हुई है। ऐसे में यह उम्मीद जताई जा रही है कि संसाधनों और सिपाहियों के बढ़ने से अग्निकांडों पर प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा।
तहसीलों में सिपाहियों की काफी कमी
जिले में निघासन, पलिया, गोला और धौरहरा में अग्निशमन विभाग के स्टेशन हैं। इन जगहों पर एक हेड, एक ड्राइवर, दो सिपाही और 10 होमगार्डों की तैनाती है। आग बुझाने के लिए सिपाहियों का ये मानक काफी कम है। मोहम्मदी में सीजनल स्टाफ भेजा जाता है। इनमें एक मोटर फायर इंजन और चार दमकल कर्मी शामिल रहते हैं।
शहरी क्षेत्र में सड़क में दब गए हाईड्रेंट
लखीमपुर शहर में करीब सात साल पहले आग बुझाने के लिए 21 हाईड्रेंट थे, लेकिन मौजूदा समय में इनकी संख्या सिर्फ आठ रह गई है। नए हाईड्रेंट के लिए नगर पालिका को अग्निशमन विभाग ने पत्र भेजा है, लेकिन इस ओर कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इस समय फायर स्टेशन परिसर, इमली चौराहा, मेनरोड, सदर चौराहा, जीआईसी ग्राउंड, मेला मैदान, खपरैल बाजार और पुलिस लाइंस में हाईड्रेंट हैं।
होटलों को जारी होगी नोटिस
अग्निशमन विभाग शहरी क्षेत्र में आग से बचाव के लिए होटलों को नोटिस जारी करेगा। विभाग ने 14 होटलों में दो को नोटिस जारी भी की है। अन्य होटलों को भी जल्द ही नोटिस भेजी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि सभी होटलों में आग से बचाव के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।
इन नंबरों पर दें अग्निकांड की सूचना
गांवों में आग से बचाव के लिए 101, 05872-252555 और सीयूजी नंबर 9454418690
आग से बचाव के उपाय
-बिस्तर में लेटकर बीड़ी-सिगरेट न पीएं और जलती हुई बीड़ी इधर-उधर न फेंके
-बच्चों के हाथ में माचिस न दें
-चूल्हे की राख बुझाने के बाद ही घूरे पर डालें
-जलते हुए स्टोव या लालटेन में मिट्टी का तेल न डालें
-लालटेन, अंगीठी, मोमबत्ती सुरक्षित स्थान पर ही रखें
-घर में कटे-फटे बिजली के तारों को तुरंत बदलवा दें
-गैस का पाइप अधिक पुराना होने पर बदलवा दें
-गैस सिलेंडर हमेशा खड़ा रखें
-रात्रि में सोने से पहले गैस चूल्हे का वॉल्व बंद करना न भूलें
आग से बचाव के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से पूरी तैयारी की जा चुकी है। लोग अग्निकांडों की सही सूचना दें और आग बुझाने में विभाग की मदद करें। आग से बचाव के लिए जरूरी है कि लोग गर्मी के दिनों में काफी सतर्कता बरतें।
-आरके सिंह, अग्निशमन अधिकारी