लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व में 40 दिन के अंदर चार बाघों की अस्वाभाविक मौतों के बाद सबसे ज्यादा सवाल वन और वन्यजीवों की निगरानी पर उठे हैं। इसके बावजूद दुधवा प्रशासन ने फील्ड स्टाफ को दफ्तरों से अटैच कर रखा है। कई डिप्टी रेंजर, वन रक्षक दफ्तरों में बैठकर फाइलें निपटा रहे हैं। वहीं, निगरानी अब भी सवालों के घेरे में है।
डिप्टी रेंजर के पद पर तैनात उपेंद्र श्रीवास्तव पिछले 10 साल से दुधवा के पलिया मुख्यालय पर तैनात हैं। वन दरोगा कपिल मिश्र और विक्रम सिंह दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन कार्यालय से अटैच हैं। वन रक्षक संतोष फील्ड डायरेक्टर के कार्यालय में लंबे समय से संबद्ध हैं। इसी तरह किशनपुर सेंक्चुरी के मैलानी के रेंजर आरके शर्मा, डिप्टी रेंजर वीपी सिंह, वन दरोगा जगदीश प्रसाद, आरएस राना को हटाकर दुधवा टाइगर रिजर्व के पलिया स्थित उपनिदेशक कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
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बफर जोन मैलानी के रेंजर साजिद हसन डिप्टी रेंजर अनुज रंजन, उत्तर निघासन के रेंजर बलवंत बहादुर सिंह, वन दरोगा मुशीर अहमद, वन दरोगा पुष्कर सिंह सिंह, वन दरोगा सोनू भारती को डीटीआर बफर जोन कार्यालय में काम कर रहे हैं। जबकि रेंजों पर फील्ड स्टाफ का टोटा है।
तैनाती दूसरे जिलों में, वेतन दुधवा से
दुधवा टाइगर रिजर्व में तैनात वन्यजीव रक्षक संध्या वर्मा वन विभाग के प्रदेश मुख्यालय पर तो दूसरी वन्यजीव रक्षक शबाना सहारनपुर में तैनात हैं। दोनों का वेतन दुधवा टाइगर रिजर्व से निकल रहा है। इनके अलावा हेमा पटेल समेत दो महिला वन्यजीव रक्षक दुधवा के पर्यटन सेल में तैनात है।
हाल ही में दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर का कार्यभार ग्रहण किया है। स्टाफ की संबद्घता के बारे में जानकारी नहीं है। जानकारी करने के बाद व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। यदि फील्ड स्टाफ कार्यालयों में तैनात है, तो उसका अटैचमेंट खत्म कराकर फील्ड में तैनात किया जाएगा।- ललित वर्मा, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व