लखीमपुर खीरी। आखिरकार उन्नाव की निर्भया जिंदगी की जंग हारकर मौत की नींद सो गई। लेकिन लोगों के दिल और दिमाग में अभी भी बेटियों की सुरक्षा को लेकर सवाल कायम है। भले ही सीएम योगी ने बिटिया के मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक में कराने, घरवालों को 25 लाख का मुआवजा और मकान देने का ऐलान किया हो, लेकिन बेटियों की मांग है कि सीएम योगी उन्हें सुरक्षित माहौल दें, जिससे वह पढ़कर आगे बढ़ सकें। उधर, महिलाओं ने कहा कि ऐसी घटनाओं में ऑन स्पॉट सजा के लिए कानून बनाया जाए, तभी इन घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा। पेश है बातचीत तक के अंश-
हैदराबाद की तरह की उन्नाव की निर्भया को भी इंसाफ मिलना चाहिए। पुलिस हैवानों का एनकाउंटर उसी जगह करे, जहां पर उन्होंने उसे जलाया था।
अंजुम बानो
पढ़े बेटियां बढ़े बेटियां का सिर्फ नारा देने से बेटियां आगे नहीं बढ़ सकती हैं। बेटियां तभी आगे बढ़ पाएंगी जब उन्हें घर से निकलने के बाद सुरक्षित माहौल मिलेगा।
कंचन
बेटियों के साथ हैवानियत करने वालों के लिए सिर्फ एक मौत की सजा का प्राविधान हो, जिससे अपराधियों में खौफ पैदा हो और वह ऐसा करने की जुर्रत न कर सके।
अलीना सिद्दीकी