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Lakhimpur Kheri News: एक दर्जन गांवों में फैला बुखार, उपचार में जुटीं स्वास्थ्य टीमें

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मदारपुर गांव में बीमार लोगों की जांच करती स्वास्थ्य टीम। संवाद
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फरधान। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरधान क्षेत्र के लगभग एक दर्जन गांवों में बुखार का प्रकोप है। ग्रामीण खांसी, जुकाम, टायफाइड और सामान्य बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग गांवों में टीमें भेजकर ग्रामीणों का इलाज करा रहा है।
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गांव रामपुर गोकुल नरदवल, नरदवलपुरवा, सैदापुर भाऊ, कालाडुंड, आधाचाट, कालाआम, भेड़ीचाट, देवरिया, मरखापुर, मदारपुर आदि गांवों के लोग बुखार से पीड़ित हैं। हालांकि इन गांवों में मलेरिया या डेंगू के मामले सामने नहीं आए हैं। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. अमित वाजपेई ने बताया कि जिस गांव की जानकारी मिलती है। वहां की आशाओं से पूरे गांव का सर्वे कराया जाता है।
सैंपलिंग कराकर जांच कराई जाती है। जिन लोगों को मलेरिया या डेंगू होता है, उन्हें दवा देकर इलाज किया जाता है। कई गांव में लोग बुखार से पीड़ित हैं। किसी भी गांव में डेंगू या मलेरिया के मरीज नहीं है। मंगलवार को गांवों में प्रधान और सचिव के सहयोग से एंटीलार्वा का छिड़काव कराया गया है।
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स्वास्थ्य शिविर में 166 मरीजों की हुई जांच
पसगवां। बुखार और वायरल की जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्राम सुनौवा में स्वास्थ्य शिविर लगाया। इसमें 166 मरीजों की जांच कर दवाएं दी गईं। टीम ने 66 मरीजों की मलेरिया की जांच की। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। यहां बुखार के 96, अस्थमा के 10, उल्टी-दस्त के 20, त्वचा के 28 और आंख के 12 मरीजों की जांच कर दवाएं वितरित की गईं। टीम में फार्मासिस्ट संजीव मिश्रा, लैब सहायक वीरेंद्र कुमार और स्टाफ नर्स रवि कुमार शामिल रहे। संवाद






सीएचसी में संसाधनों का अभाव, एक डॉक्टर के जिम्मे 250 मरीज



पसगवां। सीएचसी में संसाधनों का अभाव होने के चलते मरीजों काे समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। एक डॉक्टर के जिम्मे 225 से 250 मरीज तक हैं। ऐसे में पीड़ितों को परेशानी हो रही है।



क्षेत्र में बुखार पीड़ितों की संख्या काफी बढ़ गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पसगवां में रोजाना 450 से पांच सौ मरीज दिखाने आ रहे हैं, जबकि यहां सिर्फ दो ही चिकित्साधिकारी तैनात हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने से चिकित्सक मरीज को समुचित समय नहीं दे पाते हैं। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. अश्विनी वर्मा ने बताया कि अगस्त में 9178 मरीजों को देखा जा चुका है। 2023 में इसी अवधि में 7622 मरीजों को जांच कर दवाएं दी गईं थीं। इस समय बुखार, वायरल, खांसी और त्वचा संबंधी मरीज अधिक आ रहे हैं। सीएमओ को चिकित्सकों की कमी के संबंध में अवगत कराने के बावजूद समस्या जस की तस है। संवाद
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