पिछले एक पखवाड़े में कई बुखार पीड़ितों की जा चुुकी है जान
मोहम्मदी एवं पसगवां सीएचसी क्षेत्र के दर्जनों गांव में सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित
लखीमपुर खीरी/ ओयल। गंदगी और जलभराव केे बीच पड़ रही उमस भरी गर्मी से संक्रामक रोग फैल रहे हैं। सबसे ज्यादा लोगों पर बुखार हमला कर रहा है। मोहम्मदी एवं पसगवां सीएचसी क्षेत्र के दर्जनों गांव में सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में हैं। रविवार को पांच बच्चों सहित करीब 20 लोग बुखार की चपेट में आकर जिला अस्पताल में भर्ती हुए।
बुखार आने पर रविवार को आधारपुर निवासी संदीप साढ़े तीन वर्षीय पुत्र अक्षत, गोला निवासी मुशर्रफ पांच वर्षीय पुत्र अली, मितौली निवासी सुनील तीन वर्षीय पुत्र विवेक एवं सीतापुर जिले के हरगांव निवासी रामनरेश 12 वर्षीय पुत्री शिल्पी को लेकर जिला अस्पताल आए। हालत गंभीर होने पर ईएमओ ने सभी को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कराकर इलाज शुरू करवा दिया। जहां पर बच्चों की अब हालात में सुधार आना बताया जा रहा है, जबकि बुखार पीड़ित आठ वर्षीय काजल पुत्री सागर निवासी सेधरी में एईएस के लक्षण मिलने पर उसे आईसीयू वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
महिला एवं पुरुष वार्ड में भर्ती हैं बुखार पीड़ित 14 मरीज
बुखार की चपेट में बच्चे ही नहीं, बल्कि बड़े भी हैं। मेडिकल महिला वार्ड में 40 वर्षीय गोमती देवी पत्नी छंगा लाला निवासी मितौली, 50 वर्षीय रामकली पत्नी प्यारे लाल निवासी सरईयां, 13 वर्षीय
शिवानी पुत्री विक्रम निवासी किशनपुर, 50 वर्षीय कमला पत्नी सियाराम निवासी मटेही, 23 वर्षीय अंजलि पत्नी अनूप निवासी कलुवापुर, 40 वर्षीय मैसरजहां पत्नी खालिक निवासी अछनियां एवं 30 वर्षीय सुशीला देवी पत्नी विशोक कुमार निवासी कोरैय्या भर्ती हैं। उधर, पुरुष मेडिकल वार्ड में 46 वर्षीय सुरेश चंद्र पुत्र रामकुमार निवासी अग्गरपुर खुर्द, 65 वर्षीय जमुनादीन निवासी सुजलियापुर, 20 वर्षीय बलराम पुत्र राजेंद्र प्रसाद निवासी दतेली, 45 वर्षीय प्रदीप कुमार पुत्र बब्बन निवासी गोटैय्याबाग सहित 50 वर्षीय रामधार पुत्र गुजई, 35 वर्षीय दीपू पुत्र रामगुलाम निवासी भंसड़िया एवं 40 वर्षीय विनेज पुत्र छोटेलाल निवासी कानाखेड़ा का इलाज चल हो रहा है।
इन बातों का रखें ध्यान
1. रात में खुले में न सोएं।
2. मच्छरों से बचने के लिए फुल आस्तीन के कपड़े पहनें।
3. घर एवं आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें।
4. कूलर व फ्रिज की हर सप्ताह सफाई करें।
5. सर्दी, जुकाम व बुखार आने पर सरकारी अस्पताल में दिखाएं।
ये लक्षण न करें नजरअंदाज
1. अचानक तेज बुखार आना।
2. आंखों के पीछे दर्द होना।
3. तेज सिर दर्द एवं मांसपेशियों में दर्द होना।
4. जोड़ों में दर्द होना और जी मिचलाना।
5. उल्टी आना भूख न लगना
विशेष रूप से करें बच्चों की देखभाल
बच्चों की इस मौसम में विशेष देखभाल की जरूरत होती है। सर्दी, जुकाम और बुखार आने पर इलाज में लापरवाही न बरतें। उमस भरी गर्मी और गंदगी आदि के कारण बच्चे सर्दी, जुकाम के साथ बुखार की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों को ताजा बना हुआ भोजन देने के साथ गर्म पानी ठंडा करके पिलाएं। बीमारियों से बचने के लिए मौसमी फल, सब्जियां आदि का भरपूर सेवन करें।
- डॉ. आरपी वर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल