तिकुनिया। मोहाना नदी का जलस्तर बढ़ते ही हर साल ग्राम पंचायत खैरटिया के मजरा नया पिंड में बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है। इस बार भी नदी उफान पर है और गांव के कई घरों में पानी घुस गया है।
ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। लंबे समय से गांव को दूसरी जगह बसाने की मांग कर रहे ग्रामीणों को अब राहत की उम्मीद जगी है। प्रशासन ने नया पिंड को विस्थापित कर दूसरी जगह बसाने का प्रस्ताव लखनऊ भेजा है। मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया शुरू होगी।
नया पिंड खैरटिया बांध मार्ग और रेलवे ट्रैक के उत्तर में बसा है। गांव से रेलवे ट्रैक करीब 500 मीटर दूर है। उत्तर दिशा में मोहाना नदी बहती है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही गांव में पानी घुसने लगता है। इस बार कई घरों में पानी भर गया है। कुछ ग्रामीण रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं।
गांव निवासी भजन सिंह, चरण सिंह, गज्जन सिंह, गुरनाम कौर, मंगत सिंह और कमल सिंह ने बताया कि बाढ़ की समस्या हर साल आती है। इससे ग्रामीण लंबे समय से गांव को दूसरी जगह बसाने की मांग कर रहे थे। अब प्रशासन की पहल से उन्हें स्थायी राहत की उम्मीद है।
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पंचायत से प्रस्ताव बनाकर भेजा गया
एसडीएम निघासन यदुवीर सिंह ने बताया कि नया पिंड के लोगों को दूसरी जगह बसाने के लिए ग्राम पंचायत में प्रस्ताव बनाया गया है। इसे मंजूरी के लिए लखनऊ भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही बाढ़ प्रभावित लोगों को दूसरी जगह बसाया जाएगा। प्रशासन ग्रामीणों की हर संभव मदद कर रहा है।
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तटबंध काट रही मोहाना, सड़क और रेल मार्ग बचाने में जुटा विभाग
निघासन। मोहाना नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ जसनगर में तटबंध के किनारे कटान तेज हो गया है। इससे तटबंध पर बने सड़क और रेल मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सिंचाई विभाग ने तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
शनिवार को एसडीएम निघासन यदुवीर सिंह ने जसनगर पहुंचकर कटान की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मौके पर चल रहे बचाव कार्य की जानकारी ली और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। संवाद
गांव नयापिंड में घुसा मोहाना नदी का पानी। संवाद