लखीमपुर। रास्ते के विवाद में महिला की गैर इरादतन हत्या के 11 वर्ष पुराने मामले में एडीजे रेनू सिंह की अदालत ने पिता-पुत्र को आठ-आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 18-18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, भीरा थाना क्षेत्र के गांव पौधेपुरवा में रास्ते को लेकर सियाराम सिंह और प्रमोद सिंह के बीच विवाद चल रहा था। 12 अप्रैल, 2015 की शाम करीब चार बजे प्रमोद सिंह भाला लेकर और उसका पुत्र रिंकू सिंह लाठी लेकर मौके पर पहुंचा। आरोप है कि प्रमोद ने शिवराम की पत्नी शिवरानी पर भाला से हमला किया, जबकि रिंकू ने लाठी से पीटकर उनकी हत्या कर दी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान सियाराम सिंह, अखिलेश सिंह, कृपाल वर्मा, तत्कालीन एसओ बृजराज, रामकुमार, डॉ. धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी, डॉ. प्रवीण निगम और राजकमल सहित कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर प्रमोद सिंह और रिंकू सिंह को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। संवाद