मटैहिया मे बंद रेलवे फाटक। स्रोत संवाद
बिजुआ। रेलवे लाइन के किनारे बसे मटेहिया तथा बोझवा के ग्रामीणों को रेलवे लाइन के पार दूसरी तरफ 200 मीटर दूर अपने खेतों में वाहन से जाने के लिए 12 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है।
रेलवे फाटक बंद होने के बाद ग्रामीणों को भीरा होते हुए खेतों में पहुंचना पड़ता है। पूर्व प्रधान इंद्रजीत सिंह ने बताया कि ग्रामीणों का आधा दिन खेतों को जाने में तथा आधा दिन खेतों से आने में बर्बाद हो जाता है। पिछले साल तक रेलवे लाइन पार जाने के लिए रास्ता खुला था और कोई रोकटोक नहीं थी। अचानक रेलवे ने लाइन के दोनों तरफ बैरीकेडिंग कर उस पार जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया। इससे कई गांवों के लोगों की समस्याएं बढ़ गईं। ग्राम प्रधान सतीश मौर्य, किशोरी देवी, सर्वेश कुमार, मनोज कुमार, सतेंद्र कुमार और अवधेश कुमार के अलावा काफी लोगों ने रेलवे विभाग से फाटक खोलने की मांग की।