लखीमपुर खीरी। नकहा क्षेत्र के दो गांवों की चीनी मिल बदले जाने से गन्ना किसानों में नाराजगी है। किसानों ने उनका गन्ना क्रय केंद्र पुरानी चीनी मिल से जोड़ने की मांग को लेकर सोमवार को गन्ना दफ्तर का घेराव कर दिया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे किसानों ने गन्ना दफ्तर के बाहर नारेबाजी कर उनके क्रय केंद्र को पुरानी चीनी मिल से जोड़ने की मांग की।
गन्ना दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि अब तक उनका गन्ना ऐरा खमरिया चीनी मिल में जाता था। खमरिया चीनी मिल समय से गन्ने का भुगतान कर देती है। किसानों ने कहा कि इस बार विभागीय अफसरों ने फर्जी तरीके से उनके क्रय केंद्र को बजाज हिंदुस्थाान की खंभारखेड़ा चीनी मिल से जोड़ दिया है, जो गलत है।
बताया कि बजाज चीनी मिल कभी भी समय से गन्ना भुगतान नहीं करती। पिछले साल का अब तक बकाया है। इस साल का कब मिलेगा कुछ पता नहीं। बजाज चीनी मिल की ओर से भुगतान समय पर न देने पर किसानों को काफी तकलीफ होती है, लेकिन उनका दुख-दर्द सुनने वाला कोई नहीं है।
चहलमपुर के पूर्व प्रधान नरेंद्र वर्मा ने बताया कि वह लोग किसी भी कीमत पर बजाज चीनी मिल को अपना गन्ना नहीं देंगे। चाहे उनका गन्ना खेत में ही क्यों न सूख जाए। वहीं सैदपुर गांव के सुरेंद्र सिंह ने कहा कि गन्ना क्रय केंद्र बदलने के लिए प्रस्ताव होते हैं। किसानों के हस्ताक्षर किए जाते हैं, लेकिन यहां क्रय केंद्र बदलने के लिए फर्जी तरीके से प्रस्ताव तैयार कर बदल दिए गए और किसानों को उसकी भनक तक नहीं लगने दी।
सैदीपुर के जय प्रकाश सिंह ने बताया कि अफसरों की मनमानी किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बताया कि चहमलपुर और मठियापुरवा क्रय केंद्र खंभारखेड़ा चीनी मिल से जोड़े गए हैं। इससे करीब 600 किसान जुड़े हैं।
गन्ना आयुक्त के निर्देश पर केंद्र खंभारखेड़ा से जोड़े गए हैं। किसानों की मांग को देखते हुए जिलाधिकारी ने गन्ना आयुक्त को पत्र लिखा है। खमरिया चीनी मिल दोनों क्रय केंद्रों को वापस जोड़ने के लिए शासन में अपील करेंगा। - वेद प्रकाश सिंह, जिला गन्ना अधिकारी