जिले में लघु एवं सीमांत किसानों के लिए अच्छी खबर है कि फसलों की अच्छी उपज के लिए आवश्यक जिंक के प्रयोग करने पर उन्हें सरकार से अनुदान मिलेगा। इस योजना में जिंक सल्फेट के मूल्य का 50 फीसदी या 500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए अनुदान सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजा जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि मृदा में जिंक की कमी से पौधे भोजन नहीं बना पाते, जिससे बढ़वार रुक जाती है। जिंक की कमी को दूर करने के लिए लघु एवं सीमांत किसानों को 50 फीसदी अनुदान पर जिंक सल्फेट उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सरकार ने फर्म वेद क्राप साइंस प्रा.लि. लखनऊ, माइक्रोप्लेक्स एग्रो कैमिकल एंड फर्टिलाइजर्स हापुड़ और दयाल फर्टिलाइजर्स मेरठ को ब्लाक स्तर पर काउंटर लगाकर जिंक सल्फेट की बिक्री करने की जिम्मेदारी सौंपी है। ब्लाक स्तर पर इन काउंटरों से पूर्ण रेट में 21 प्रतिशत मात्रा वाली जिंक 40 रुपये प्रति किलो (दयाल की 37 रुपये) की दर से किसानों को बिक्री की जाएगी। वहीं 33 प्रतिशत वाली जिंक वेद क्राप 65 रुपये, माइक्रोप्लेक्स एग्रो 58 रुपये और दयाल फर्र्टिलाइजर्स 60 रुपये प्रति किलो बिक्री करेगा। प्रति हेक्टेयर के लिए 21 प्रतिशत वाली जिंक 25 किलो और 33 प्रतिशत वाली 15 किलो जिंक किसानों को दी जाएगी। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि सात जुलाई तक जिंक वितरित की जाएगी। इसके बाद किसानों के खाते में सब्सिडी की धनराशि भेजी जाएगी।