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बारिश से किसानों की धड़कनें तेज

Sun, 15 Mar 2015 11:17 PM IST
लखीमपुर खीरी
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रविवार को मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है, जिससे दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। जिले के कुछ इलाकों में शाम को बूदाबांदी हुई, जिसके बाद देरशाम हल्की बारिश हुई है। इससे तापमान में गिरावट आई है। दिन का अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री रिकार्ड किया गया।
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रविवार को सुबह से धूप खिली, लेकिन कुछ देर बाद बादल छा गए। दोपहर में धूप हुई, लेकिन चार बजे के बाद फिर काले बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगी। इस एकाएक बदलाव मौसम सुहावना हुआ, लेकिन किसानों की धड़कनें एक बार फिर तेज हो गई। देर शाम बारिश होने से बाजार में अफरा-तफरी रही।
पलियाकलां। क्षेत्र में शनिवार की शाम से मौसम बदला और आसमान में बादल छा गए। रात में बूदाबांदी हुई और तेज हवाएं चलीं। उम्मीद थी कि रविवार की सुबह मौसम खुल जाएगा, लेकिन ऐसा नही हुआ और फिर से आसमान बादलों से घिर गया। दोपहर और शाम तक कई बार बूंदा बांदी हुई।
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ईंट उद्योग को नुकसान
बांकेगंज। मौसम की बेरुखी से रोटी और मकान पर संकट है। बेमौसम बारिश और ओले गिरने से जहां फसलें तबाह हुई हैं, वहीं भट्ठा उद्योग भी संकट में आ गया है। बार-बार बारिश से ईंटों का निर्माण प्रभावित होने से नुकसान हो रहा है।
फरवरी और मार्च के महीने में बार-बार हो रही बारिश से ईंट उत्पादन पर बुरा असर पड़ रहा है। ईंटों की पथाई होने के बाद धूप और हवा नहीं मिलने से वह ठीक से सूखने से पहले ही बारिश से जमीन में ही गल जाती है। भट्ठा स्वामियों की माने तो इस बार पिछले दो महीनों मेें ईंट भट्ठाें को भारी नुकसान हुआ है। मांग अधिक और उत्पादन कम होने के कारण ईंटों के मूल्य में भारी इजाफा होने की आशंका है। इन दिनों 5 हजार रुपये प्रति हजार के भाव से बिकने वाली ईंटों के दाम बढ़ने वाले हैं। इससे आने वाले समय में मकान बनाना और भी मंहगा हो सकता है। पड़ोसी जिलो में ईंट के दाम पहले ही बढ़ चुके हैं। इस जिले में भी भट्ठा स्वामी ईंटों का मूल्य बढ़ाने के मूड में है। उधर तहसील भट्ठा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विनोद गोयल ने इस संबंध में बताया कि इस साल बेमौसम हुई बारिश ने ईंट भट्ठा उद्योग की कमर तोड़ दी है। ईंटों के दाम में इजाफे के बाद भी उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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