नमक के साथ मोटी रोटी खाकर धरनास्थल पर ही मनाएंगे होली
गोला गोकर्णनाथ। सहकारी गन्ना विकास समिति में दो माह से संपूर्ण बकाया भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने धरनास्थल पर ही होली मनाने का निर्णय लिया है।
मंगलवार को आंदोलनस्थल पर बजाज चीनी मिल के यूनिट हेड जेएस जादौन और गन्ना महाप्रबंधक पीएस चतुर्वेदी पहुंचे। किसान नेताओं से वार्ता कर होली से पहले चार मार्च तक 20 करोड़ रुपये भुगतान करने का वादा कर एक मार्च से आंदोलन वापस लेने की अपील की। किसान चीनी मिल अधिकारियों की बात पर राजी नहीं हुए।
उन्होंने कहा कि होली वह धरनास्थल पर ही मोटी रोटी नमक के साथ खाकर मनाएंगे। संगठन जिलाध्यक्ष अंजनी दीक्षित ने कहा कि बजाज चीनी मिल प्रबंधन का प्रत्येक वायदा झूठा साबित हो हुआ है। इन पर विश्वास कैसे किया जाए। संपूर्ण बकाया भुगतान होने तक आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। मंगलवार को क्रमिक अनशन पर पुत्तूलाल अवस्थी, तेज कुमार वर्मा, मोहनलाल, जमुना प्रसाद वर्मा सरदार हरी सिंह रहे।
किसान बोले, प्रशासन भी गन्ना किसानों की सुध नहीं ले रहा
पलियाकलां। चीनी मिल के सामने पिछले करीब डेढ़ माह से क्रमिक अनशन पर बैठे गन्ना किसानों का अभी पिछला बकाया भुगतान नहीं मिल पाया है। किसानों ने प्रशासन पर गन्ना किसानों की सुध न लेने का आरोप लगाया है।
बीती 18 जनवरी से बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर गन्ना किसानों ने चीनी मिल के सामने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया था। बीच-बीच में भुगतान सही ढंग से हुआ। उसके बाद क्रम बिगड़ने से किसानों ने चीनी मिल के मुख्य गेट समेत जीएम कार्यालय, गोदाम आदि जाने वाले गेटों पर ताला जड़ दिया था। उन पर अब भी ताले लटके हैं।
उधर, क्रमिक अनशन पर बैठे किसानों ने प्रशासन पर भी किसानों की सुध न लेने का आरोप लगाया है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के तहसील अध्यक्ष जगपाल सिंह ढिल्लन ने बताया कि अब भी पिछले सत्र का 32 करोड़ 81 लाख रुपये के करीब किसानों का मिल पर बकाया है। बताया कि मिल द्वारा 15 मार्च तक भुगतान पूरा करने की बात कही जा रही है। संवाद