पलिया चीनी मिल परिसर में लगी किसानो की भीड़। संवाद
पलियाकलां। बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भुगतान न मिलने से नाराज किसान मिल की चेन कैरियर पर चढ़ गए। इसके बाद वहीं धरना शुरू कर दिया। इससे मिल में ढाई घंटे तौल बंद रही।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि वे लंबे समय से अपने हक के रुपये के लिए गुहार लगा रहे हैं, लेकिन मिल प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। किसानों ने बताया कि पिछले सत्र का बकाया अभी तक नहीं मिला है, जबकि इस नए सत्र का बकाया भी करोड़ों रुपये के पार पहुंच गया है। ऐसे में किसानों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। मौके पर मौजूद किसान नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब चीनी मिल अधिकारियों की मुंह जुबानी बातों और खोखले आश्वासनों का वक्त निकल चुका है।
किसानों की मांग है कि मिल प्रबंधन अब लिखित में भुगतान का शेड्यूल दे। किसानों ने प्रस्ताव रखा कि हर महीने के प्रत्येक हफ्ते में कम से कम चार-चार दिन का भुगतान किया जाए, ताकि पिछला और वर्तमान बकाया समय पर खत्म हो सके। हंगामे के दौरान किसानों ने एलान किया कि जब तक उनकी मांगें लिखित रूप में नहीं मानी जातीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि अब रोज दोपहर एक बजे के बाद सभी किसान एकजुट होकर मिल के अंदर पहुंचेंगे और मिल चलने नहीं देंगे। फिलहाल, मिल के अधिकारी किसानों को समझाने की कोशिश में लगे रहे और किसान करीब ढाई घंटे बाद इस आश्वासन पर माने कि 20 जनवरी तक पिछला भुगतान कर दिया जाएगा।