सीडीओ नितीश कुमार ने जलकुंभी से खाद बनाने के प्रोजेक्ट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे तालाबों की सफाई होगी और किसानों को उर्वरक भी प्राप्त होंगे। उप कृषि निदेशक डॉ. शिवकुमार केसरी ने किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी और लाभ लेने के लिए आगे आने की सलाह भी दी।
किसान दिवस पर कलक्ट्रेट सभागार में गोष्ठी हुई, जिसमें विभिन्न इलाकों से आए किसानों ने भाग लिया। सीवीओ डॉ. एसपी सिंह ने पशुओं के मुंहपका और खुरपका रोग के नियंत्रण के संबंध में नि:शुल्क टीकाकरण के बारे में बताया। उन्होंने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि पशु बीमा योजना भी शुरू की जाएगी, जिसमें 50 प्रतिशत प्रीमियम भारत सरकार और 50 प्रतिशत किसान जमा करेगा। जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि अजबापुर तथा गुलरिया चीनी मिल की ओर से 15 दिन के अंतराल पर भुगतान किया जा रहा है। अन्य चीनी मिलों ने सात जनवरी तक खरीदे गन्ना का भुगतान किया है। गोला मिल ने सात दिसंबर 2014 तक का भुगतान किया है। सहायक निदेशक रेशम रणवीर सिंह ने रेशम प्रदर्शनी की इकाई लखीमपुर, सैदापुर देवकली, मितौली और मोेहम्मदी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इच्छुक किसान शहतूत के पौधे और रेशम कीट विभाग से नि:शुल्क प्राप्त कर सकते हैं। गोष्ठी में मितौली के किसान ने कस्ता से संडिलवा के बीच मुख्य विद्युत लाइन जर्जर होने की बात कही, जिस पर अधिशासी अभियंता विद्युत ने आश्वस्त किया कि विद्युत लाइन के कमजोर बिंदुओं को ठीक करा दिया जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह ने बताया कि ब्लाक बिजुआ एवं नकहा में केला की खेती और ड्रिप सिंचाई के लिए 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। अन्य ब्लाकों के किसानों को 70 से 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। भूमि संरक्षण अधिकारी जिला योजना बलराम वर्मा ने जल भंडारण एवं संरक्षण के लिए चेकडैम बनाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्लाक बांकेगंज में 11 किमी नाला बंद था, जिसका सीडीओ के निर्देशानुसार जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। उपकृषि निदेशक डॉ. शिवकुमार केसरी ने कृषि मशीनरीकरण योजना के तहत जनपद में कस्टम हायर सेंटरों की स्थापना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। गोष्ठी में जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी गोमती धीरेंद्र चौधरी, कृषि वैज्ञानिक डॉ. नागेंद्र त्रिपाठी, डॉ पीके बिसेन, सहायक अभियंता सिंचाई बीएन यादव आदि मौजूद रहे।