फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: लखीमपुर खीरी में खेत में मजदूर को जंगली हाथियों ने मार डाला, सिर कुचलने से एक आंख बाहर निकली

Tue, 09 Dec 2025 01:55 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी जिले में फसल की रखवाली करने गए मजदूर को हाथियों ने कुचलकर मार डाला। मंगलवार तड़के करीब चार बजे उसका शव गन्ने के खेत में मिला। एक आंख बाहर निकल आई थी। इस घटना से परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग करते हुए शव को नहीं उठने दिया। 
विज्ञापन
किसान के शव के पास रोती-बिलखती परिवार की महिलाएं - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखीमपुर खीरी के मझगईं क्षेत्र के चौखड़ा फार्म में खेत की रखवाली करने के दौरान मजदूर रामबहादुर (55) को जंगली हाथियों ने पटक-पटककर मार दिया। कुचलने से उनकी एक आंख भी बाहर आ गई। माना जा रहा है कि हाथियों का यह झुंड दुधवा नेशलन पार्क से निकलकर बाहर आया। इसी वजह से वन विभाग के खिलाफ गुस्साए ग्रामीणों ने दोपहर तक शव नहीं उठने दिया। बाद में मृतक के पुत्र को सरकारी नौकरी व पांच लाख का मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर परिजन माने।

विज्ञापन


सोमवार रात करीब 10 बजे आए इन हाथियों ने पहले कस्बा निवासी समीर पांडे के खेत में उत्पात मचाया। इस पर भगवंतनगर गुलरा निवासी रामबहादुर ने कुछ दूरी पर स्थित दूसरा खेत बचा रहे मझगईं निवासी लालता व सुशील को बुलाकर पटाखे दागकर गन्ने के खेत से हाथियों को भगाने की कोशिश शुरू की। इसी बीच हाथियों ने उनपर हमला बोल दिया।

लालता व सुशील तो भाग गए, लेकिन एक हाथी रामबहादुर का पैर पकड़कर उनको गन्ने के खेत में काफी दूर तक खींचकर ले गया। वहां हाथियों ने पटक-पटक कर रामबहादुर को मार दिया। इससे भी उनका गुस्सा कम नहीं हुआ तो रामबहादुर के सिर को पैरों से रौंद दिया, जिससे उनकी बाईं आंख निकलकर बाहर आ गई। सूचना मिलते ही रात में ही ग्रामीणों ने रामबहादुर की तलाश शुरू कर दी, लेकिन रात भर कुछ पता नहीं चल सका।

विज्ञापन

परिजनों ने की मुआवजे और नौकरी की मांग 
मंगलवार सुबह करीब चार बजे गन्ने के खेत में रामबहादुर का शव मिला। इसके बाद रेंजर अंकित सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए और परिजनों को ढाढ़स बंधाने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों के साथ ही ग्रामीणों ने तार फेंसिंग लगाकर हाथियों को रोकने, मृतक के एक पुत्र को सरकारी नौकरी देने व पांच लाख का मुआवजा दिए जाने की मांग कर शव उठने नहीं दिया। दोपहर बाद दुधवा के डीडी जगदीश आर व एसडीओ मनोज तिवारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।

दोपहर एक बजे अधिकारियों ने मृतक परिवार को पांच लाख का मुआवजा दिए जाने व एक सदस्य को नौकरी देने के आश्वासन दिया, जिस पर परिजन माने और शव को हाथ लगाने दिया। जिसके बाद पुलिस ने शवमे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि तत्काल 20 हजार रुपये की नकद सहायता राशि मृतक की पत्नी को दी गई है। बाकी मोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।
विज्ञापन

बेटियों के साथ बिलखती पत्नी को देख नम हुईं आंखें
मृतक रामबहादुर की पत्नी श्रीमती पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बेटियों के साथ दहाड़े मारकर पति के शव के पास बिलखती श्रीमती को देखकर वहां मौजूद हर ग्रामीण की आंखें नम हो गईं। पत्नी का विलाप सुनकर सभी रामबहादुर के बारे में ही चर्चा करते दिखे।

40 साल से नौकरी करने का कार्य कर रहा था रामबहादुर
रामबहादुर काफी गरीब होने के कारण करीब 40 साल से खेत की रखवाली करने की नौकरी कर रहा था। इस समय उसको छह हजार रुपये की पगार महीने में मिल रही थी। मृतक के पास मात्र दो बीघा जमीन थी और चार बेटियों व दो पुत्रों का वह पालनकर्ता था। चार बेटियों के साथ एक पुत्र की शादी कर चुका था। बहादुर को अभी एक पुत्र की शादी भी करनी थी, जिससे रात दिन ठंड की भी परवाह न जंगल किनारे जान जोखिम में डालकर मजदूरी करने का कार्य करता था।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें