बेटियों के साथ बिलखती पत्नी को देख नम हुईं आंखें
मृतक रामबहादुर की पत्नी श्रीमती पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बेटियों के साथ दहाड़े मारकर पति के शव के पास बिलखती श्रीमती को देखकर वहां मौजूद हर ग्रामीण की आंखें नम हो गईं। पत्नी का विलाप सुनकर सभी रामबहादुर के बारे में ही चर्चा करते दिखे।
40 साल से नौकरी करने का कार्य कर रहा था रामबहादुर
रामबहादुर काफी गरीब होने के कारण करीब 40 साल से खेत की रखवाली करने की नौकरी कर रहा था। इस समय उसको छह हजार रुपये की पगार महीने में मिल रही थी। मृतक के पास मात्र दो बीघा जमीन थी और चार बेटियों व दो पुत्रों का वह पालनकर्ता था। चार बेटियों के साथ एक पुत्र की शादी कर चुका था। बहादुर को अभी एक पुत्र की शादी भी करनी थी, जिससे रात दिन ठंड की भी परवाह न जंगल किनारे जान जोखिम में डालकर मजदूरी करने का कार्य करता था।