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खाद के बजाय मिल रही तारीख पर तारीख

Fri, 19 Dec 2014 07:44 PM IST
लखीमपुर खीरी
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जनपद में इस बार यूरिया खाद का जबरदस्त टोटा पड़ गया है, क्योंकि अभी इफको की रैक नहीं लग पाई है। वहीं अधिकारी तारीख पर तारीख बढ़ाते जा रहे हैं। पैक्स (132) समेत 193 सहकारी समितियाें पर 15 दिन से यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है। किसानों में खाद के लिए त्राहि-त्राहि मची है। वहीं प्राइवेट दुकानों पर भी खाद की किल्लत बन गई है, जिसके चलते कुछ स्थानों पर ओवररेटिंग की शिकायतें भी हैैं। समय पर गेहूं की फसल में यूरिया खाद का छिड़काव न होने से उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई हैं।
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बता दें कि रबी सीजन में यूरिया वितरण का लक्ष्य 46755 एमटी तय है, जिसे 193 केंद्रों के माध्यम से किसानों को बिक्री किया जाना हैै। माहवार क्रमिक लक्ष्य के मुताबिक दिसंबर 2014 तक 28,053 एमटी यूरिया की जरूरत थी, जिसमें कुछ यूरिया की आपूर्ति हुई है। जबकि लक्ष्य के मुताबिक दिसंबर में 21,274 मीट्रिक टन यूरिया आपूर्ति होना शेष है। इस महीने में इफको यूरिया की एक रैक सीतापुर में पांच दिसंबर को लगी, जिससे 1500 एमटी यूरिया जिले को मिली थी। इसके बाद से जनपद को यूरिया नहीं मिल पाई है। जबकि डीएम समेत कृषि विभाग के अधिकारी शासन स्तर से शीघ्र यूरिया आपूर्ति की मांग कर चुके हैं, लेकिन खाद तो न मिली पर तारीख पर तारीख मिल रही हैै। बताते चलें कि बुधवार को किसान दिवस में एआर कोआपरेटिव आरके सिंह ने शुक्रवार को रैक लगने की बात कही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
ममरी। सहकारी समितियों, गन्ना समिति के खाद गोदामों पर यूरिया का टोटा होने से किसान परेशान हैं। वे मजबूरन प्राइवेट दुकानों पर महंगे रेट पर यूरिया खरीदने को विवश हैं। जरूरत के समय क्षेत्र की सहकारी समितियों पर यूरिया का अकाल है। प्राइवेट दुकानदार यूरिया की बोरी महंगे दाम पर बेच रहे हैं, जिस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। वहीं प्राइवेट खाद विक्रेताओं का कहना है कि गोला के स्टाकिस्ट डीलर उन्हें यूरिया महंगे दामों पर उपलब्ध करा रहे हैं।
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तो अभी कुछ और दिन करें इंतजार
इफको के एरिया मैनेजर एससी मिश्रा की माने तो अभी कुछ और दिन यूरिया आपूर्ति में लग सकते हैं, क्योंकि अभी लोडिंग ही नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि इस बार यूरिया का आयात कम हुआ है। वहीं सरकार से मिलने वाली 100 फीसदी सब्सिडी अब कम हो गई है। इससे उत्पादन घटा है। जबकि अच्छी बारिश के बाद अचानक डिमांड बढ़ गई है।
सहायक निबंधक सहकारिता आरके सिंह ने बताया कि मंगलवार को एक रैक सीतापुर में लगी थी, जिसमें 60 फीसदी खाद खीरी को मिलनी थी पर पूरी खाद वहीं उतार ली गई। इससे दिक्कत बढ़ गई है। अब इफको के अधिकारी एक-एक कर दिन बढ़ाते जा रहे हैं।
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