गोमती नदी में गजानन की मूर्ति को विसर्जित करते लोग। संवाद
भीखमपुर। कस्बे में शोभायात्रा निकालकर भगवान गणेश को विदाई दी गई। सैकड़ों श्रद्धालु बैंड-बाजा सहित अबीर गुलाल खेलते व उड़ाते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली से गोमती नदी पहुंचे। वहां गजानन की मूर्ति को विसर्जित किया।
शिव मंदिर कोठार और काली माता मंदिर में विराजित भगवान गजानन महराज की विदाई के लिए अनंत चतुर्दशी के दिन शोभायात्रा निकाली गई। विसर्जन समारोह से एक दिन पहले यजमानों ने हवन-पूजन किया। सुबह 12 बजे महिलाएं, कन्याएं और श्रद्धालुओं ने बप्पा की मूर्ति को उठाया लोगों की आंखों में आंसू आ गए। सभी उत्साह में नाचते-गाते हुए कस्बे में बैंड बाजा सहित रंग खेलते हुए रामजानकी मंदिर पहुंचे। यहां भगवान गणेश की मूर्ति को तिलक लगाकर आशीर्वाद लिया। जयकारा लगाते हुए लोग टेढ़ेनाथ गोमती नदी के तट पर पहुंचे। वहां पूजा-पाठ के बाद दोनों मूर्तियों को नदी में विधि-विधान से विसर्जित कर दिया।
इस मौके पर पंडित अतुल दीक्षित, श्रवण कुमार, यजमान विदनेश शुक्ला, राजेंद्र पांडे, संयोजक आशीष त्रिवेदी, वीरेश पांडे, प्रधान विमलेश कुमारी, पूर्व प्रधान अर्चना पांडे सहित तमाम लोग मौजूद रहे।