बेहजम ब्लाक के कंप्यूटर आपरेटर का मामला
दिसंबर 2011 से बकाया मानदेय दिलाने की मांग
ब्लाक में कंप्यूटर आपरेटर (मनरेगा) के तौर पर कार्य करने वाले लल्लन राज अपने परिवार सहित बीडीओ कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गया है। आरोप है कि अधिकारियों की सांठगांठ से अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ) ने उसे हटाकर अपने रिश्तेदार को कंप्यूटर आपरेटर के पद पर रख लिया है। इसके अलावा दिसंबर 2011 से बकाया मानदेय भुगतान कराने की प्रमुख मांग है।
मूल रूप से मितौली थाना के गांव महमदपुर डहका निवासी लल्लन राज जनवरी 2009 से संविदा पर बेहजम ब्लॉक में कंप्यूटर आपरेटर (मनरेगा) के तौर पर कार्यरत है। डीएम समेत उच्चाधिकारियों को दिए ज्ञापन में उसने बताया है कि ब्लाक परिसर में ही आवंटित आवास में 10 जून 2011 से रह रहा है। मनरेगा के प्रासंगिक मद से नवंबर 2011 तक उसे मानदेय दिया गया, जिसके बाद दिसंबर 2011 से 15 जुलाई 2016 तक कार्यालय से मानदेय नहीं दिया गया। उसने बीडीओ पर आरोप लगाते हुए कहा है कि मौखिक आदेश से 16 जुलाई 2016 को ब्लाक कार्यालय से जबरन सेवा से हटा दिया था, जिसके बाद एपीओ के कानपुर निवासी रिश्तेदार को कंप्यूटर आपरेटर के तौर पर रख लिया। इस मामले में उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत की, लेकिन बीडीओ ने जांच आख्या निष्पक्ष तरीके से नहीं भेजी। अनशन पर पत्नी और चार बच्चे सहित बैठे लल्लन राज ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर बकाया मानदेय दिलाया जाए और कंप्यूटर आपरेटर के पद पर उसकी सेवा यथावत बहाल की जाए।
मामला संज्ञान में है। अभी तीन दिन पहले कार्यभार संभाला है। उच्चाधिकारियों को प्रकरण से अवगत कराया गया है। जल्द ही इसका निस्तारण कराया जाएगा।
अवधेश कुमार वर्मा, बीडीओ
प्रकरण की जानकारी मिली है। बीडीओ से रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
हसीब अंसारी, उपायुक्त, मनरेगा