लखीमपुर खीरी। तीन स्टार वाली पुलिस की वर्दी पहनकर जौनपुर का युवक फर्जी क्राइम इंस्पेक्टर बन गया। उसने नौकरी का झांसा देकर सैकड़ाें लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर ली। वर्दी का रौब दिखाकर व्यापारियों से एसी, कूलर समेत अन्य सामान भी हड़प लिया। सदर कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को आरोपी को गोला के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक, जौनपुर जिले के बदलापुर निवासी राना प्रताप पिछले कुछ महीने से शहर के निकट बालूडीह गांव में किराये के मकान में रहता था। उसने दो कुत्ते पाल रखे थे। मकान के बाहर सुरक्षा गार्ड भी तैनात रहते। वह फर्जी क्राइम इंस्पेक्टर बनकर पुलिस की वर्दी में बोलेरो से जिलेभर में घूमता था।
वर्दी का रौब दिखाकर जान पहचान बनाई फिर उसने दुकानदारों से एसी, बेड, गद्दे, टंकी, एलईडी, फ्रिज, कूलर और हजारों कीमत का घरेलू सामान ऐंठ लिया था। नौकरी और परिजन की बीमारी का बहाना बताकर तमाम लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर ली। करीब सप्ताह भर पहले भुक्तभोगियों को संदेह होने पर उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। धीरे-धीरे कई भुक्तभोगी सामने आने लगे। बताते हैं कि किसी तरह आरोपी को इसकी भनक लग गई। इसके बाद घर पर दो महिलाओं को छोड़कर वह मौके से खिसक गया।
बार-बार बदलता रहा नाम और पता
पुलिस के हत्थे चढ़ा राणा प्रताप शातिर दिमाग है। पकड़े जाने पर उससे नाम पता पूछने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बार-बार वह बयान बदलता रहा। उसके साथ रह रही महिला ने भी पुलिस को घुमाने का प्रयास किया। पुलिस ने कड़ाई से पूछा तो उसने अपना आधार कार्ड दिखाया।
पुलिस नहीं बरामद कर सकी नकदी
जांच के बाद पुलिस ने तमाम सामान पीड़ितों को वापस भी करा दिया। लेकिन तमाम लोगों से ठगी करते हुए लिए गए रुपये न तो पुलिस बरामद कर सकी और न ही इसका खुलासा किया कि आखिरकार कितने लोगों से कितने रुपये की ठगी हुई। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
-
वर्जन
जानकारी होने के बाद पुलिस ने फर्जी क्राइम इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। रुपये नहीं बरामद हुए हैं। रमेश तिवारी, सीओ सिटी