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दो आशाएं और अनट्रेंड महिला प्रसव कराती मिलीं

Wed, 31 Aug 2016 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ निघासन।
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crime - फोटो : amar ujala
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ढखेरवा में संचालित अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग का छापा, सीएसचसी प्रभारी रमियाबेहड़ ने सीएमओ को भेजी रिपोर्ट 
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डिग्री धारक डॉक्टर और एएनम थी नदारद  
ढखेरवा के धौरहरा रोड पर संचालित भारती हास्पिटल पर सीएचसी प्रभारी  रमियाबेहड़ ने छापा मारा। छापेमारी के दौरान अस्पताल संचालक कोई भी कागज  नहीं दिखा सका अस्पताल के अंदर दो आशाएं प्रसव कराती हुई मिलीं। छापेमारी के दौरान कोई भी डिग्रीधॉरक डॉक्टर और एएनम नहीं मिली। अचानक छापेमारी से यहां हड़कंप मच  गया, कई कर्मचारी अस्पताल छोड़कर पिछले दरवाजे से भाग निकले। रिपोर्ट सीएमओ को भे।जी गई है। 
रमियाबेहड़  सीएचसी प्रभारी डॉक्टर सुभाष वर्मा ने बताया कि ढखेरवा के धौरहरा रोड  स्थित अस्पताल में कई प्रसूताओं और बच्चों की मौत की बराबर लिखित और मौखिक  शिकायत मिल रही थी। मंगलवार को वह अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे और स्थिति देखकर हैरान रह गए। अस्पताल के बोर्ड पर कई बड़े डॉक्टरों के नाम लिखे थे, लेकिन मौके पर एक भी डॉक्टर और एएनम नहीं थी। निरीक्षण में अस्पताल के अंदर चल रहे मेडिकल स्टोर में रखी दवाइयों का रखरखाव सही नहीं मिला। उन्हें खरवहिया निवासी प्रसव कराने आई अनीता  अवस्थी ने बताया कि उसके पहला बच्चा था। उसको एक आशा यहां लेकर आई थी।  अस्पताल में मौजूद मीना देवी और एक व्यक्ति ने मिलकर आपरेशन कर प्रसव कराया। सीएचसी प्रभारी को मीना देवी ने बताया कि वह लखीमपुर की  रहने वाली है, केवल देखरेख के लिए आती है। अस्पताल में न कोई  डॉक्टर है और न ही नर्स। सीएचसी प्रभारी प्रसव रूम में गए तो वहां जबर्दस्त गंदगी थी। वहां पर जम्हौरा निवासी अजमतुन निशा पत्नी कमाल अहमद का प्रसव हो रहा था। वहां पर तीन महिलाएं और जम्हौरा की आशा माधुरी प्रसव करा रही थी। अजमतुन के साथ आई महिलाओं ने सीएचसी प्रभारी को बताया कि उसे निघासन  सीएचसी में भर्ती कराया गया था, हालत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर  किया गया। आरोप है कि रास्ते में आशा ने इस अस्पताल का जिक्र कर जबरन  यहां भर्ती कर दिया। सीएचसी प्रभारी ने खरवहिया की आशा रीता और  जम्हौरा की आशा माधुरी को जमकर फटकार लगाते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा हैं।  
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अस्पताल में  मौजूद एक कर्मचारी ने बताया कि आशाओं को गर्भवती महिला लाने पर दो से तीन हजार रुपये दिए जाते हैं। टैक्सी चालक को भी पैसा दिया जाता है। 
सीएचसी प्रभारी सुभाष वर्मा ने बताया कि एमबीबीएस, बीएएमस, जेएनम, एएनम, फायर ब्रिगेड की एनओसी, प्रदूषण विभाग से सर्टिफिकेट होना चाहिए। ये अस्पताल मानकों पर कहीं से भी खरा नहीं उतर रहा था।
अस्पताल संचालक बोला 
अस्पताल संचालक ध्रुव ने बताया कि वह छापेमारी के दौरान वहां नहीं था। रजिस्ट्रेशन उनके पास है, दो सप्ताह पहले कराया था। यह सच है कि अस्पताल में कोई डॉक्टर और नर्स नहीं हैं। 
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कोट..
अस्पताल संचालक रजिस्ट्रेशन के कोई  भी कागज नहीं दिखा सका। पर्चे पर भी कोई रजिस्ट्रेशन नंबर  अंकित नहीं था। मौके पर बोर्ड पर लिखे एक भी डॉक्टर नहीं मिले। मामले  की जांच आख्या सीएमओ को भेजी गई है।  
-सुभाष वर्मा, सीएचसी प्रभारी रमियाबेहड़
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अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं है। जांच आख्या आने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके पहले भी कई शिकायतें इस अस्पताल की मिल चुकी हैं। 
-जावेद अहमद, सीएमओ
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