अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से बर्बाद र्हुई फसलों के मुआवजा वितरण में धांधली सामने आई है, जिसमें पीड़ित किसानों के बजाय प्रभावशाली लोगों के नाम चेक बनाकर लाखों की धनराशि हड़प ली गई है। अभी फूलबेहड़ की ग्राम पंचायत पिपरामरोड़ा का मामला सामने आया है, जिससे नाराज किसानों ने सोमवार को डीएम कार्यालय में ज्ञापन दिया है।
जिले में अभी महज 30 फीसदी किसानों को मुआवजा दिया गया है। फूलबेहड़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिपरा मरोडा के किसानों ने भंडाफोड़ दिया है। लेखपाल और प्रधान की मिलीभगत से तमाम अपात्र किसान लाभ पाने में कामयाब रहे। इसमें गन्ने की फसल को गेहूं में दर्ज कर और रकबा कम होने पर बढ़ाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया हैै। किसान महेंद्र सिंह, प्रवेश सिंह, मोहनलाल, निशान सिंह आदि ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया है कि लेखपाल और प्रधान ने खुद और रिश्तेदारों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाया है। आरोप है कि जिन किसानों के नाम चेक जारी हुए हैं, उनके खेतों में गेहूं बोया ही नहीं गया। उनके यहां गन्ने की फसल खड़ी है।
डीएम से शिकायत कर बताया गया है कि गांव के अनिल यादव, उग्रह, गुजराती, लखविंदर कौर, भूपेंद्र सिंह, सतनाम सिंह, जसविंदर सिंह, संजय तिवारी और विक्रमजीत सिंह को चेक दिए गए हैं, जो अपात्र हैं। इसके अलावा जमीन के अभिलेखों में हेरफेर कर अपात्रों को लाभ दिया गया है।
एसडीएम सदर करेंगे जांच
अतिवृष्टि और ओलावृष्टि राहत में गड़बड़ी की शिकायत के मद्देनजर डीएम किंजल सिंह ने मामले की जांच एसडीएम को दी है। वह जांच कर रिपोर्ट सौपेंगे।